सिरफिरे आशिक ने किशोरी की मांग भरी, फिर जिंदा जला दिया
अचलगंज थानाक्षेत्र के नेवरना गांव निवासी नेहा (17) पुत्री राधेलाल लोधी के गांव में दो मकान हैं। एक गांव के बाहर बना है। जबकि दूसरा बस्ती के अंदर है। मजदूरी और खेती कर गुजारा करने वाले नेहा के पिता राधेलाल व भाई सुनील मंगलवार सुबह पास के बड़ौरा गांव एक मकान में स्लेब डालने गए थे।
मां रामदेई गांव के ही शंभू शरण से खरीदी गई आम की बाग की रखवाली करने गई थी। घर पर तीन बहनें ही थीं। सुबह करीब नौ बजे नेहा ने बहनों को मोबाइल चार्जिंग में लगाने की बात कहकर बस्ती में बने मकान में आ गई। लगभग आधे घंटे बाद घर के अंदर चीख की आवाज के साथ ही आग की लपटें दिखाई दीं।
पड़ोसियों ने दूसरे मकान में रह रहे किशोरी के घर वालों को सूचना दी। बड़ी बहन लक्ष्मी मौके पर पहुंची। मौजूद लोगों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो कुंडी अंदर से बंद थी। तभी भीड़ में शामिल एक युवक छत पर पहुंचकर छप्पर हटाकर अंदर पहुंचा और कुंडी खोली तो देखा किशोरी पूरी तरह से जल चुकी थी। पड़ोसियों ने आनन-फानन आग बुझाई। बड़ी बहन लक्ष्मी झुलसी नेहा को जिला अस्पताल लाई। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
उधर किशोरी के जिंदा जलने की सूचना पर एसओ आशुतोष त्रिपाठी मौके पर पहुंच जांच की साथ ही उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। सीओ उमेशचंद्र त्यागी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतका की बड़ी बहन लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि नेहा और गांव के ही विकास उर्फ गोलू पुत्र स्व. राकेश दीक्षित काफी दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
विकास की शादी कहीं और तय हो गई थी। जबकि नेहा उसी से शादी करना चाहती थी। युवक के परिवार वाले ब्राह्मण होने के नाते पिछड़ा वर्ग परिवार में शादी करने को तैयार नहीं थे। मंगलवार सुबह नेहा को घर में अकेले जाते देख विकास भी पहुंच गया। दोनों में विवाद हुआ इसी दौरान विकास ने उसकी मांग भरी और फिर जिंदा जला दिया। मृतका के पिता राधेलाल लोधी की तहरीर पर पुलिस ने विकास के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी हरीश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपी से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ की जा रही है।