उन्नाव के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण में किशोरी के चाचा ने किशोरी के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना के चश्मदीद गवाह की तीन दिन पहले हुई मौत को हत्या बताया। एसपी को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज करने और दफनाए गए शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। चाचा ने विधायक व उनके भाई सहित उनके नजदीकियों के खिलाफ जमीनों पर कब्जे, विकास कार्यों में घालमेल की शिकायतें डीएम और एसपी से की हैं।
डीएम और एसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र के मुताबिक आरोप लगाया है कि 3 अप्रैल को उसके बड़े भाई (किशोरी के पिता) के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसे आर्म्स एक्ट में जेल भिजवा दिया था। 9 अप्रैल को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई । किशोरी के चाचा के मुताबिक घटना स्थल से दस कदम की दूरी पर परचून की दुकान चलाने वाला यूनुस खान घटना में चश्मदीद गवाह था। उसने सीबीआई को गवाही भी दी थी। 18 अगस्त की सुबह उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
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कुलदीप सिंह सेंगर एवं रेप पीड़िता
आरोप है कि साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। आरोप लगाया है कि विधायक के गुर्गे अन्य गवाहों की भी जान के दुश्मन बने हैं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए किशोरी के चाचा ने बताया कि उन्होंने विधायक व उनके भाई सहित अन्य लोगों के खिलाफ जमीन पर अवैध कब्जा करने, उसकी संक्रमणीय जमीन पर जबरन तीस लाख रुपये की मिट्टी खनन कराने और भूमिधरी व ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अपने स्कूल का निर्माण कराने और ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा कर लाखों का गबन किए जाने की शिकायत प्रशासन से की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की ओर से न्यायालय में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है ऐसे में अपने वादे के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर को अपने पद से स्तीफा दे देना चाहिए।
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बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
केवल किसी के कह देने से भर से कोई दोषी नहीं हो जाता
जिला पंचायत अध्यक्ष व आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर ने आरोपों को सरासर गलत बताया। कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सीबीआई ने अभी पूरी चार्जशीट भी दाखिल नहीं की है। कहा कि किसी के कह देने भर से कोई दोषी नहीं हो जाता। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है।