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'एक साल बेमिसाल' पर सवालों के जवाब में इस तरह फसा ये मंत्री
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 05 Apr 2018 08:24 AM IST
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अनिल राजभर
- फोटो : अमर उजाला
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एक साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियां बताने आए हरदोई जिले के प्रभारी मंत्री सवालाें के चक्रव्यूह में उलझ कर रह गए। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं पर पूछे गए सवालों पर प्रभारी मंत्री करवाते हैं, देखते हैं, पता करेंगे जैसे जवाब देकर बचते रहे। कई बार तो डीएम ने माइक संभालकर प्रभारी मंत्री की ओर से जवाब दिए।
अनिल राजभर
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पिछले माह पूरा हो चुका है। कार्यकाल की उपलब्धियां बताने के लिए एक साल बेमिसाल बैनर तले प्रभारी मंत्रियों को मीडिया से रूबरू होने को शासन स्तर से ही कहा गया है। इसी क्रम में बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के लिए पहुंचे।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, जिलाधिकारी पुलकित खरे, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार और नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव की मौजूदगी में प्रभारी मंत्री ने कहा कि एक वर्ष का समय तो व्यवस्थित होने में ही लग जाता है। कम समय में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया गया है।
किसानों की कर्ज माफी, बीते सत्र में हुई गेहूं और धान की सरकारी खरीद का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार को किसानों का हितैषी बताया। बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल शुरू हुए तो प्रभारी मंत्री असमंजस में पड़ गए।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, जिलाधिकारी पुलकित खरे, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार और नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव की मौजूदगी में प्रभारी मंत्री ने कहा कि एक वर्ष का समय तो व्यवस्थित होने में ही लग जाता है। कम समय में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया गया है।
किसानों की कर्ज माफी, बीते सत्र में हुई गेहूं और धान की सरकारी खरीद का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार को किसानों का हितैषी बताया। बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल शुरू हुए तो प्रभारी मंत्री असमंजस में पड़ गए।
सवालों पर यूं दिए जवाब
अनिल राजभर
ग्रामीण इलाकों के खराब ट्रांसफार्मर 72 घंटे में बदलने के निर्देशों को लेकर जब सवाल किया गया तो प्रभारी मंत्री ने कहा कि अपवाद स्वरूप कहीं नहीं हुआ होगा। जब उदाहरण सहित कई प्रकरण बताए गए तो उन्होंने दिखवाते हैं, कहकर चुप्पी साध ली।
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सवालों पर यूं दिए जवाब
अनिल राजभर
इसके बाद पानी के मुद्दे पर बात हुई। सवाल उठा कि जिले की 14 पेयजल परियोजनाएं बजट के अभाव में अटकी हैं। इनके लिए बजट क्यों नहीं मिल रहा, तो फिर प्रभारी मंत्री चुप्पी साध गए। इतना ही कहा कि विभागीय मंत्री सुरेश खन्ना से इस बारे में वार्ता करेंगे और बजट का आवंटन कराएंगे।
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सवालों पर यूं दिए जवाब
अनिल राजभर
मेडिकल कालेज की स्थापना को लेकर हुए सवाल पर प्रभारी मंत्री की स्थिति असहज हो गई। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि भूमि का आवंटन हो गया है। डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बन रही है। इस पर पत्रकाराें ने प्रभारी मंत्री को बताया कि हरदोई और मिश्रिख में से एक ही जगह मेडिकल कालेज बनना है।