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PHOTOS: बर्फीली हवाओं से मरने लगीं चिड़ियां, शेर-बाघ के बाड़े में लगे ब्लोअर, हिरनों ने तापी आग
Sun, 29 Dec 2019 09:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 29 Dec 2019 09:54 AM IST
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अलाव ताप रहे हिरन
- फोटो : अमर उजाला
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शीत लहर ने अब पक्षियों पर भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। चिड़ियों की मौत हो रही है। उन इलाकों में चिड़ियां ज्यादा मर रही हैं, जहां पेड़ कम हैं। पेड़ों के पत्तों की ओट ठंड में उनको बर्फीली हवाओं का सीधा शिकार बनने से बचा लेती है।
ठंड से बेहाल हुए जानवर
- फोटो : अमर उजाला
भीषण ठंड को देखते हुए चिड़ियाघर में चिड़ियों के बाड़ों में 200 वाट के बल्ब लगाए गए हैं, जिससे थोड़ी गर्मी बनी रहे। पर्दे भी लगाए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुए की खुराक बढ़ा दी गई है। भालू को शहद खिलाया जा रहा है। शेर और बाघ के बाड़े में ब्लोअर लगाया गया है।
भीषण ठंड में अलाव तापते हिरन
- फोटो : अमर उजाला
भीतरगांव, बिल्हौर, सरसौल तथा शहर में कई जगहों पर चिड़ियां मरी मिली हैं। चिड़ियाघर के क्यूरेटर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि बर्फीली हवाओं के सीधे टकराने से चिड़ियों की मौत हो जाती है। उन्होंने कहा जंगलों में चिड़िया सुरक्षित रहती हैं।
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पूरे भारत में कहर बरपा रही ठंड
- फोटो : अमर उजाला
पेड़ों के पत्तों की ओट बनी रहती है। जिससे गर्मियों में लू और जाड़ों में शीत लहर पक्षियों से सीधे नहीं टकराती है। क्यूरेटर अरविंद कुमार सिंह ने यह भी बताया कि चिड़ियाघर में शेर की खुराक बढ़ा दी गई है। उसे आठ के बजाय दस किलो मांस दिया जा रहा है।
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जानवरों के लिए अलाव जलाते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह तेंदुए की खुराक दो किलो से बढ़ाकर साढ़े तीन किलो मांस की गई। भालू को सप्ताह में पांच किलो शहद दिया जा रहा है। पक्षियों को बाजरा बढ़ाया गया है। हिरनों के बाड़े के बाहर अलाव जलाए जा रहे हैं। उनके बैठने की जगह पुआल बिछाया गया है। इस समय अप्रवासी पक्षी साइबेरियन क्रेन चिड़ियाघर आईं हुई हैं। उनके लिए यह तापमान बहुत मुफीद है।