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जिस खेत ने फूलन को डाकू बनाया उस पर फिर कब्जा, मां को न्याय का इंतजार, किया प्रियंका गांधी का जिक्र

Tue, 07 Jan 2020 01:44 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 07 Jan 2020 01:44 AM IST
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behmai kand: farm that made Phoolan a robber was captured again
फूलन देवी एवं मां मूला देवी - फोटो : अमर उजाला
यूपी के एक गांव में 38 साल पहले हुए एक कांड ने पूरे देश में तहलका मचा दिया था। इस गांव का नाम बेहमई है। इसी गांव में फूलन देवी के गिरोह ने 20 लोगों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून दिया था। जिस वजह से यह सब हुआ वह यह थी कि फूलन के खेत पर कब्जा हो गया था।


 
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फूलन देवी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इसी वजह ने फूलन को डाकू बना दिया लेकिन 38 साल बाद उस पर फिर कब्जा हाे गया है। फूलन की मां को जमीन के लिए न्याय का इंतजार है। जालौन जिले के शेखपुर गुढ़ा में वह खेत जिसे फूलन देवी के डकैत बनने का मुख्य कारण माना जाता है, उसे फूलन की मां मुला देवी फिर से पाना चाहती हैं।

 
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फूलन देवी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इस खेत को पहले फूलन ने अपने चचेरे भाई मइयादीन के कब्जे से छुड़ा लिया था। फूलन की हत्या के बाद फिर से वह चचेरे भाई के कब्जे में पहुंच गया। बेहमई कांड पर फैसले की घड़ी आने की मुला देवी को कोई जानकारी नहीं थी। जब बताया तो, घबराकर पूछा-अब क्या होगा?, शायद उन्हें लगा कि उनके ऊपर बड़ा संकट आने वाला है।

 
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फूलन देवी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सामान्य होने पर खेत पर कब्जे की कहानी बताई। कहा कि उनके जेठ रामदीन के लड़के मइयादीन का खेत पर कब्जा है। फूलन के बीहड़ों तक पहुंचने का मुख्य कारण यह खेत ही था। बताया कि जब फूलन सांसद बनीं तो खेत अपने कब्जे में आ गया लेकिन फूलन की हत्या होने के बाद मइयादीन ने कब्जा कर लिया।

 
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फूलन देवी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सवाल उठाती हैं कि सरकार इसे वापस क्यों नहीं दिलाती। कहती हैं कि प्रियंका गांधी से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहती हैं। इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा कि उनकी वजह से ही फूलन ने समर्पण किया था। वादे के अनुसार बेटे शिवनारायण को पुलिस में नौकरी मिली। उसकी नौकरी न होती तो इस बुढ़ापे में रोटी भी मुश्किल होती।
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