बहू ने कराया ससुर पर फर्जी मुकदमा, यह घिनाैनी वजह अाई सामने
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए बेटे और बहू को पिता के मकान से बेदखल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बेटे से यह भी कहा है कि पिता को भरण-पोषण के लिए के लिए हर माह छह हजार रुपये दिया जाए। पनकी गंगागंज प्लाट नंबर 1248 महावीर नगर निवासी श्रीकिशन कुमार (65) ने अपने बेटे सुशील कुमार और बहू संगीता के खिलाफ एसडीएम सदर संजय कुमार की कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया था।
यह मुकदमा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत दर्ज कराया गया था। कहा गया था कि वह भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्हें पेंशन नहीं मिलती है। उनके दो बेटे सुशील और सुरेंद्र कुमार हैं। दाेनाे का विवाह हो चुका है। तीन पुत्रियों में दो विवाहित हैं। पुत्री दीपमाला का विवाह करना है।
दीपमाला प्राइवेट नौकरी कर अपना और उनका भरण-पोषण करती है। वह बेटी के विवाह के लिए अपना मकान बेचना चाहते है। बेटा सुशील घर से बाहर नहीं निकल रहा है। उसकी पत्नी संगीता फर्जी मुकदमे में फंसाकर अपने ससुर का मकान बेचने की फिराक में थी। इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों का फर्ज है कि वह अक्षम वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण करें, जिससे वह सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। अधिनियम की धारा 22 में एसडीएम को कई अधिकार दिए गए हैं।