औरैया में हाइड्रा चालक हत्याकांड के बाद सुपारी किलर पुलिस की निगाह में चढ़े हैं। इसी तरह की पूर्व में घटी कई घटनाएं जिले के अछल्दा क्षेत्र की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड भी इसकी गवाही देते हैं। आपराधिक गतिविधियों के जानकारों की माने तो अछल्दा औरैया के लिए धीरे-धीरे अपराध का ‘जामताड़ा’ बनता जा रहा है। यहां से सट्टेबाज व माफिया के बाद अब सुपारी किलर भी सामने आने लगे हैं।
रामजी नागर को ही देख लीजिए। उम्र 25 साल और रिकार्ड में संगीन धाराओं के 10 मुकदमे हैं। ये एक मामला नहीं है। 20 से ज्यादा आपराधिक घटनाओं में पिछले एक साल में सामने आ चुके हैं। इसमें वाहन चोर गैंग समेत कई तरह के अपराध शामिल हैं।
2 of 9
auraiya murder case
- फोटो : amar ujala
इन पर अंकुश लगाने के लिए जहां पुलिस लगातार शिकंजा कसती है, वहीं गैंगस्टर जैसी कार्रवाई भी की जाती है। पिछले दिनों छह अपराधियों पर ही गैंगस्टर की कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट ने की थी। यहां पेशेवर अपराधियों का पनपना अपने आप में चौंकाने वाला है। हाइड्रा चालक की हत्या में अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव प्रेमनगर निवासी शूटर रामजी नागर (25) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उसके साथ दो अन्य शूटर भी थे।
3 of 9
पुलिस की गिरफ्त में शूटर, प्रेमी और पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
आशंका यह थी कि दिलीप को मौत के घाट उतारने के लिए केवल रामजी नागर पर्याप्त नहीं था। ऐसे में शूटरों ने अपनी संख्या तीन कर ली। दो शूटर फिलहाल फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए सर्विलांस टीम लगातार दबिश दे रही है।
4 of 9
auraiya murder
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद लोगों का ध्यान अछल्दा की ओर पहुंचा है। जोकि अपराध का पनहगार बन रहा है। हालांकि पुलिस इन अपराधियों पर शिकंजा भी कस रही है। अपराध के जानकार बताते हैं कि झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराधी बहुतायत में हैं, लेकिन अछल्दा क्षेत्र में हत्या, लूट, चोरी व छिनैती करने वाले अपराधी बढ़े हैं।
5 of 9
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
12 मार्च को गैंगस्टर एक्ट में जेल से छूटा था शूटर रामजी नागर
हाइड्रा चालक की हत्या में आरोपियों का शातिराना रवैया इसकी बानगी पेश कर रहा है। 10 से ज्यादा अपराधी अछल्दा थाना क्षेत्र में 10 से ज्यादा धाराओं का तमगा पहने हुए हैं। यही वजह है कि 10 मुकदमों का तमगा पहने शूटर रामजी नागर 12 मार्च को गैंगस्टर एक्ट में जेल से छूटा था। उस पर पुलिस की नजर थी, लेकिन इसके बाद भी जेल से छूटने के सात दिन बाद उसने हाइड्रा चालक को मौत के घाट उतार दिया। अब उसे फिर जेल भेजा गया है।