औरैया के सियापुर निवासी अनुराग व प्रगति और शूटरों के बीच इस हत्याकांड को लेकर ताना-बाना पहले से बुना गया था। पुलिस की जांच में आया है कि प्रेमी अनुराग ने बी बेला में शूटरों को इशारा कर दिलीप की पहचान कराई थी। इस केस के खुलासे में जुटी पुलिस को आरोपियों के अपराध करने का तरीका फिल्मी होने का आभास था। ऐसे में पुलिस ने शुरू से ही आरोपियों की लोकेशन पर काम शुरू किया। मामले में प्रगति ने पति दिलीप से मोबाइल पर सामान्य बातचीत करते हुए बड़ी चालाकी के साथ उसकी लोकेशन ली।
19 मार्च को दिलीप हाइड्रा चलाते हुए बेला से दिबियापुर की ओर आ रहा था। मैनपुरी से रवाना होने के दौरान ही प्रगति ने उसकी लोकेशन पूछ ली थी। इसके बाद रुक-रुक कर लगातार फोन से दिलीप से बात करती रही।
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auraiya murder
- फोटो : अमर उजाला
दिलीप से मिली जानकारी को वह प्रेमी अनुराग से व्हाट्सएप पर साझा करती रही। उधर, अनुराग की सूचना पर शूटर बेला में पहले से ही पहुंच चुके थे। इसके बाद सड़क किनारे तीनों शूटरों मिले। इसके बाद जैसे ही दिलीप हाइड्रा लेकर दिबियापुर की ओर निकला। इसी दौरान अनुराग ने अंगुली से इशारा करते हुए शूटरों को दिलीप की पहचान करा दी। फिर वह घर के लिए निकल गया।
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प्रेमी अनुराग के संग प्रगति।
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रगति व अनुराग में चार साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
सियापुर निवासी प्रगति की कोरोना काल में साल 2020 में 100 मीटर की दूरी पर पड़ोस में रहने वाले अनुराग से नजदीकी हो गई थी। इसकी भनक परिवार को नहीं थी। हालांकि ग्रामीणों के मुताबिक कोरोना काल से ही इनका प्रेम प्रसंग गांव में खूब चर्चा का विषय बन गया था। शादी के बाद मायके में लौटने पर प्रगति मौसी के घर जाने का बहाना बनाकर औरैया में हाईवे किनारे एक होटल पर पहुंची थी। जहां अनुराग के साथ दिलीप की हत्या की साजिश करने के साथ दोनों काफी देर एक साथ थे। पुलिस के हाथ लगे मोबाइल फोन में वीडियो व फोटो के जरिए इस बात की पुष्टि की है। कागजी लिखापढ़ी में भी यह बात सामने आई है।
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- फोटो : amar ujala
प्रगति के चढ़ावे में खूब चढ़े थे गहने
शादी के 15 दिन बाद अपनी जान गंवाने वाले हाइड्रा चालक दिलीप का मामला हर किसी के जहन में कई सवाल खड़े कर रहा है। दिलीप के बड़े भाई संदीप ने बताया कि भाई की शादी पांच मार्च को थी। इसके 15 दिन पहले से ही तैयारी शुरू हो गई थी। परिवार के लोगों ने बहू प्रगति को चढ़ावे में खूब गहने दिए थे। दिलीप ने भी शादी को यादगार बनाने के लिए इंतजाम किए थे। शादी के लिए 18 लाख से ज्यादा के आभूषण खरीदे गए थे। मुंह दिखाई में घर पर रिश्तेदारों ने प्रगति को खूब गिफ्ट दिए थे, लेकिन प्रगति ने दिलीप की हत्या करवा दी। इससे सबके चेहरे की खुशी गम में बदल गई। संदीप का कहना है कि अब तो दोषियों को उनके किए की सजा मिले।
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विवाह के दौरान प्रगति के साथ दिलीप। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शूटर से पति को मरवाने के लिए जेवर भी ले गई दगाबाज दुल्हन
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड जैसी औरैया में हुई वारदात की मुख्य आरोपी प्रगति यादव अपने साथ आठ लाख रुपये के जेवरात भी ससुराल से ले गई थी। भोगांव के नगला दीपा के रहने वाले मृतक दिलीप यादव के परिजन का कहना है कि जेवरात के संबंध में किसी को कोई जानकारी नहीं है कि वह आखिर कहां हैं। प्रगति के परिजन से भी इस संबंध में बात नहीं हुई है। दिलीप के परिजन को यह भी शक है कि कहीं प्रगति ने जेवरात को सुपारी की रकम चुकाने के लिए अपने प्रेमी अनुराग यादव के साथ मिलकर बेच तो नहीं दिया।