फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जानिए उस मशहूर शायर के बारे में जो आज हमारे बीच नहीं हैं, फिल्म 'डेढ़ इश्किया' में आए थे नजर

Tue, 02 Jan 2018 01:08 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 02 Jan 2018 01:08 PM IST
विज्ञापन
anwar jalalpuri mushaira in dedh ishqiya film
अनवर जलालपुरी

हां धृतराष्ट्र आखों से महरूम थे, मगर ये न समझो कि मासूम थे। इधर कृष्ण अर्जुन से हैं हमकलाम, सुनाते हैं इंसानियत का पैगाम। अजब हाल अर्जुन की आखों का था, था सैलाब अश्कों का रुकता भी क्या। बढ़ी उलझनें और बेचैनियां, लगा उनको घेरे हैं दुश्वारियां। तो फिर कृष्ण ने उससे पूछा यही, बता किससे सीखी है यह बुजदिली...


श्रीमदभागवत गीता को उर्दू शायरी में ढालकर एक नया रूप देने वाले मशहूर शायर अनवर जलालपुरी का मंगलवार को लखनऊ में निधन हो गया। ब्रेन हैमरेज होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आज सुबह 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। श्रीमदभागवत गीता का उर्दू शायरी में अनुवाद करने वाले नामचीन उर्दू शायर को प्रदेश सरकार ने यश भारती सम्मान से नवाजा था।

फिल्म डेढ़ इश्किया में दिखे थे अनवर जलालपुरी...

anwar jalalpuri mushaira in dedh ishqiya film
फिल्म डेढ़ इश्किया के एक सीन में अनवर जलालपुरी
टीवी सीरियल 'अकबर द ग्रेट' में इनके लिखे गीत और डायलॉग काबिले तारीफ रहे। साल 2014 में आई विशाल भारद्वाज और अभिषेक चौबे की फिल्म डेढ़ इश्किया में अनवर जलालपुरी नसीरुद्दीन और माधुरी दीक्षित के साथ मंच पर मुशायरा पढ़ते नजर आए थे। 

बाथरुम का दरवाजा तोड़ कर उन्हें बाहर निकाला गया

anwar jalalpuri mushaira in dedh ishqiya film
अनवर जलालपुरी
71 वर्षीय जलालपुरी को ब्रेन स्ट्रोक के बाद गंभीर हालत में बृहस्पतिवार देर रात केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। वे शाम को अपने बाथरूम में गिरने के बाद से गंभीर रूप से घायल हो गये थे। बाथरुम का दरवाजा तोड़ कर उन्हें बाहर निकालने के बाद परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां चिकित्सकों ने उनके दिमाग में खून के थक्के, रक्तस्त्राव पाए जाने के बाद उन्हें केजीएमयू रेफर कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

साहित्य जगत में शोक

anwar jalalpuri mushaira in dedh ishqiya film
अनवर जलालपुरी
लखनऊ के हुसैनगंज निवासी उर्दू शायर अनवर जलालपुरी के निधन से साहित्य जगत में शोक है। जलालपुर में कल बुधवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अवनर जलालपुरी मूलतः अंबेडकरनगर के जलालपुर कस्बे के दलाल टोला मोहल्ले के रहने वाले थे। उनका जन्म 6 जुलाई 1947 को  एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने मकतब करामतिया दारुल फैज से प्राप्त की। इसके बाद इंटर तक की शिक्षा नरेंद्र देव इंटर कॉलेज जलालपुर से लेने के बाद शिबली डिग्री कॉलेज आजमगढ़ से स्नातक किया। 
विज्ञापन

खूब नाम कमाया

anwar jalalpuri mushaira in dedh ishqiya film
अनवर जलालपुरी
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री ली। पीएचडी की डिग्री भी लेने वाले अनवर 19 जुलाई 1973 को नरेंद्र देव इंटर कॉलेज में ही अंग्रेजी प्रवक्ता के रूप नियुक्त हुए थे। अध्यापन के साथ-साथ लेखन, शेरो-शायरी और मंच संचालन में अधिक रुचि होने के कारण देश ही नहीं विदेशों में भी उन्होंने खूब नाम कमाया। उन्होंने भगवत गीता के 18 अध्यायों के 701 संस्कृत श्लोकों का दो पंक्तियों वाले करीब 1761 शेर में काव्यानुवाद किया है। गीता को शायराना शक्ल देने में उन्हें करीब 32 वर्ष लगे। उनके मुताबिक गीता धार्मिक नहीं बल्कि दार्शनिक ग्रंथ है। इसका अपना दर्शन है। इस ग्रंथ की आत्मा यही है जिसने उन्हें बचपन से ही बहुत प्रभावित किया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed