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अमर उजाला संवादः एक ऐसा ऐतिहासिक मंच जहां आपसे रूबरू होंगी ये जानी मानी हस्तियां
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 26 Mar 2018 08:08 AM IST
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अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर अब तक की सबसे बड़ी चर्चा का गवाह बनने जा रहा है। सोमवार दिनांक 26 मार्च 2018 को पीएसआईटी कॉलेज, भौंती में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश की चर्चित हस्तियों से सीधा मुलाकात और बातचीत करने का मौका मिलेगा। संवाद कार्यक्रम के तीन सेशन चलेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ रहे हैं।
अमर उजाला संवाद
योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ का पूरा नाम अजय सिंह बिष्ट है। वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महंत और राजनेता के रूप में उन्हें पूरा देश जानता है। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहां के 21वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव के एक गढ़वाली राजपूत परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ। इनके पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे। सीएम योगी की मां का नाम सावित्री देवी है। उन्होंने 1998 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे। आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वे हिंदू युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं।
योगी आदित्यनाथ का पूरा नाम अजय सिंह बिष्ट है। वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महंत और राजनेता के रूप में उन्हें पूरा देश जानता है। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहां के 21वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव के एक गढ़वाली राजपूत परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ। इनके पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे। सीएम योगी की मां का नाम सावित्री देवी है। उन्होंने 1998 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे। आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वे हिंदू युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव किसी परिचय के मोहताज नहीं है। अखिलेश का जन्म 1 जुलाई 1973 में सैफई में मुलायम सिंह यादव के घर पर हुआ था। राजस्थान धौलपुर के आर्मी स्कूल से अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले अखिलेश यादव को राजनीति के गुर विरासत में अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मिले हैं। उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए। सिडनी यूनीवर्सिटी से उन्होंने पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। सन 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उप चुनाव में उन्हें लोकसभा सदस्य चुना गया। 2004 में वे फिर यहीं से सांसद बने। 2009 आम चुनाव में वे तीसरी बार सांसद बने। 15 मार्च 2012 में वे 38 वर्ष की उम्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। अखिलेश को क्रिकेट खेलने के साथ साइक्लिंग का भी शौक है। 20 नवंबर 1999 मेें डिंपल यादव से उनकी शादी हुई। उनके बेटा अर्जुन और दो बेटियां टीना एवं अदिती हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव किसी परिचय के मोहताज नहीं है। अखिलेश का जन्म 1 जुलाई 1973 में सैफई में मुलायम सिंह यादव के घर पर हुआ था। राजस्थान धौलपुर के आर्मी स्कूल से अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले अखिलेश यादव को राजनीति के गुर विरासत में अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मिले हैं। उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए। सिडनी यूनीवर्सिटी से उन्होंने पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। सन 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उप चुनाव में उन्हें लोकसभा सदस्य चुना गया। 2004 में वे फिर यहीं से सांसद बने। 2009 आम चुनाव में वे तीसरी बार सांसद बने। 15 मार्च 2012 में वे 38 वर्ष की उम्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। अखिलेश को क्रिकेट खेलने के साथ साइक्लिंग का भी शौक है। 20 नवंबर 1999 मेें डिंपल यादव से उनकी शादी हुई। उनके बेटा अर्जुन और दो बेटियां टीना एवं अदिती हैं।
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राज्यवर्धन राठौड़
राज्यवर्धन राठौड़ आजादी के बाद के पहले ऐसे निशानेबाज हैं, जिन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में पदक जीता हो। 2004 में एथेंस में हुए ओलंपिक गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीता था। सेना से निशानेबाज और अब केंद्रीय मंत्री बने राज्यवर्धन राठौड़ का स्नातक के बाद भारतीय सैन्य अकादमी में चयन हो गया था। जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान उन्होंने आतंक विरोधी ऑपरेशन में सराहनीय काम किया था। राज्यवर्धन का जन्म 1970 में कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौड़ के घर राजस्थान के जैसलमेर में हुआ था। राज्यवर्धन वर्तमान में जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद हैं।
राज्यवर्धन राठौड़ आजादी के बाद के पहले ऐसे निशानेबाज हैं, जिन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में पदक जीता हो। 2004 में एथेंस में हुए ओलंपिक गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीता था। सेना से निशानेबाज और अब केंद्रीय मंत्री बने राज्यवर्धन राठौड़ का स्नातक के बाद भारतीय सैन्य अकादमी में चयन हो गया था। जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान उन्होंने आतंक विरोधी ऑपरेशन में सराहनीय काम किया था। राज्यवर्धन का जन्म 1970 में कर्नल लक्ष्मण सिंह राठौड़ के घर राजस्थान के जैसलमेर में हुआ था। राज्यवर्धन वर्तमान में जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद हैं।
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इरशाद कामिल
कभी टेलीविजन शो के टाइटल ट्रैक लिखने वाले इरशाद कामिल ने कई ऐसे गाने लिखे हैं, जो आज लोगों की जुबान पर छाए रहते हैं। फिल्म लव आजकल का आज दिन चढ़े, चले आना...। रॉकस्टार का कतिया करूं, कतिया करूं, सारी रातें कतिया करूं...। प्रेम रतन धन पायो का आज उनसे मिलना है हमें...जैसे मशहूर गाने इरशाद कामिल की ही देन हैं। इरशाद जब वी मेट, चमेली, लव आज कल, रॉकस्टार’, आशिकी-2, रांझणा, हाईवे, तमाशा जैसी कई फिल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं। इरशाद का जन्म 5 सितंबर 1971 को पंजाब में संगरूर जिले के मलेरकोटला में हुआ है। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में पत्रकारिता का अध्ययन किया। रॉकस्टार के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
कभी टेलीविजन शो के टाइटल ट्रैक लिखने वाले इरशाद कामिल ने कई ऐसे गाने लिखे हैं, जो आज लोगों की जुबान पर छाए रहते हैं। फिल्म लव आजकल का आज दिन चढ़े, चले आना...। रॉकस्टार का कतिया करूं, कतिया करूं, सारी रातें कतिया करूं...। प्रेम रतन धन पायो का आज उनसे मिलना है हमें...जैसे मशहूर गाने इरशाद कामिल की ही देन हैं। इरशाद जब वी मेट, चमेली, लव आज कल, रॉकस्टार’, आशिकी-2, रांझणा, हाईवे, तमाशा जैसी कई फिल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं। इरशाद का जन्म 5 सितंबर 1971 को पंजाब में संगरूर जिले के मलेरकोटला में हुआ है। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में पत्रकारिता का अध्ययन किया। रॉकस्टार के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।