{"_id":"5ccda9b0bdec22077e09a71b","slug":"akhilesh-yadav-post-a-photo-before-lok-sabha-election-2019","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी की 14 सीटों पर मतदान और अखिलेश यादव के भगवाधारी बाबा, क्या भेद पाएंगे भाजपा का चुनावी रण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी की 14 सीटों पर मतदान और अखिलेश यादव के भगवाधारी बाबा, क्या भेद पाएंगे भाजपा का चुनावी रण
Sun, 05 May 2019 09:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 05 May 2019 09:08 AM IST
विज्ञापन
कौन हैं अखिलेश यादव के साथ नजर आए भगवाधारी बाबा
लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान 7 चरणों में पूरा होना है। यूपी सहित पूरे देश में मतदान के 4 चरण पूरे हो चुके हैं। 6 मई को यूपी की 13 सीटों सहित अन्य सीटों पर भी पांचवें चरण का मतदान होना है। ऐसे में अखिलेश यादव किसी भी स्थिती में लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में सीटों पर जीत दर्ज करना चाहते हैं।
अखिलेश यादव ने भगवाधारी बाबा के साथ पोस्ट की फोटो
उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर जीत दर्ज करने और बहुमत प्राप्त करने के लिए अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमों मायावती से हाथ मिलाया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की माने तो ऐसे में सपा बसपा गठबंधन यूपी में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
अखिलेश यादव के साथ भगवाधारी बाबा
पांचवें चरण के मतदान से ठीक पहले अखिलेश यादव ने अपनो सोशल मीडिया एकांउट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। इन दो तस्वीरों में अखिलेश यादव किसी भगवाधारी के साथ नजर आ रहे हैं। फोटो के साथ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक लाइन भी लिखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
5वें चरण के मतदान से पहले क्या ये अखिलेश का चुनावी दांव है
इस लाइन में अखिलेश यादव ने लिखा है कि 'हम नक़ली भगवान नहीं ला सकते पर एक बाबा जी लाए हैं। ये हमारे साथ गोरखपुर छोड़ प्रदेश में सबको सरकार की सच्चाई बता रहे हैं।' अखिलेश यादव ने इस फोटो और इस लाइन के जरिए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर चुटकी भी ली है।
विज्ञापन
अखिलेश यादव ने भगवाधारी बाबा का सहारा लेक कसा है सीएम योगी पर तंज
उत्तर प्रदेश में कई सीटों पर अखिलेश यादव उनकी पत्नी डिंपल यादव और सपा संरक्षक पिता मुलायम सिंह यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। ऐसे में अखिलेश यादव का ये भगवाधारी दांव मतदाताओं पर कितना प्रभाव डालेगा यह कहना मुश्किल है।