उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर व अन्य लोगों पर लगे आरोपों के मामले की जांच शुरू होते ही स्वास्थ्य महकमें में हलचल बढ़ गई है। एसआईटी (विशेष जांच टीम) की रिपोर्ट पर तीन डाक्टरों के निलंबित कर दिया गया है।
जांच के दायरे में कुछ अन्य डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी आ सकते हैं। इसे लेकर विभाग में हलचल मची है। डाक्टर एक- दूसरे से कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेते रहे। हालांकि गुरुवार देर शाम तक निलंबन के संबंध में लिखित आदेश सीएमओ के पास नहीं पहुंचा है।
एसआईटी ने बुधवार को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के गांव पहुंचकर दुष्कर्म के मामले की जांच की थी। एसआईटी ने पीड़ित परिवार समेत गांव के कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की थी। परिजनों के आरोप पर जिला अस्पताल के डाक्टरों से भी पूछताछ की गई थी। मामले में डाक्टर प्रशांत उपाध्याय, सर्जन वीके सचान व डा. मनोज पर लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। बुधवार देर रात एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन की ओर से तीनों डाक्टरों को निलंबित कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची है। माना जा रहा है कि कुछ अन्य डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। सीएमओ डा. एसपी चौधरी ने बताया कि कार्रवाई के संबंध में उनके पास कोई आदेश नहीं आया है।