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अयोध्या फैसला: पूर्व मुख्यमंत्री के विधायक बेटे की जुबानी, पिताजी ने जो सपना देखा तो वो सच होगा

Sun, 10 Nov 2019 10:27 AM IST
शाहरुख खान संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 10 Nov 2019 10:27 AM IST
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ayodhya case bjp MLA son of former Chief Minister Vir Bahadur Singh says father had dream in 1986
विधायक फतेहबहादुर की जुबानी - फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया
भाजपा विधायक फतेहबहादुर ने कहा कि  तमाम विरोध को दरकिनार करते हुए ही मेरे पिता पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह जी ने विवादित परिसर का ताला खुलवाया था। इससे पूर्व उन्होंने तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ से टेलीफोन पर लंबी चर्चा भी की थी।


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विधायक फतेह बहादुर सिंह - फोटो : Social Media
बाद में ताला खुला और रामजन्म भूमि पर भगवान श्रीराम की पूजा-पाठ शुरू हुई। जहां तक मुझे याद है, पिता जी ने मुख्यमंत्री के सिक्योरिटी ऑफिसर  और जिला जज को अपने हेलीकॉप्टर से अयोध्या भेजा था। पिता जी चाहते थे कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, लेकिन उनका यह सपना तब पूरा नहीं हो सका।
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पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अब सुप्रीमकोर्ट ने मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। एक तरह से देखा जाए तो 33 वर्ष (वर्ष 1986)  पहले पिता जी ने जो फैसला लिया था, वह सही और न्याय प्रिय था। इस पर सुप्रीमकोर्ट की संविधान पीठ ने मुहर लगा दी है। अब पिता जी का सपना सच होगा।  
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ram mandir
आपको बता दें कि करीब पांच सदी पुराने विवाद और 134 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला सुना दिया। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने एकमत से अयोध्या को भगवान का जन्मस्थान मानते हुए पूरी 2.77 एकड़ विवादित जमीन रामलला विराजमान को सौंपकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
कोर्ट ने कहा कि सबूतों और बयानों से साबित होता है कि विवादित स्थल को हिंदू जन्मस्थान के रूप में मानते हैं और इसी जगह बाबरी मस्जिद मनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हिन्दुओं के विश्वास व आस्था केसाथ-साथ कई मैखिक व दस्तावेजीय साक्ष्य हैं जो यह साबित करते हैं कि जिस जगह पर वर्ष 1528 में बाबरी मस्जिद बनाई गई थी, वह जगह हमेशा से भगवान राम का जन्मस्थान रहा है।
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