यूपी के फिरोजाबाद स्थित थाना उत्तर के दौलतपुर गांव में एक निर्माणाधीन मकान में दूसरी मंजिल पर डाला जा रहा लिंटर भरभराकर गिर गया। मलबे में दबने से 4 साल की बच्ची सृष्टि की मौके पर मौत हो गई। श्रमिकों सहित 13 घायल है। इनमें तीन राजमिस्त्री, पांच लिंटर श्रमिक और गृह स्वामी के परिवार के पांच लोग शामिल हैं। मृतका बच्ची गृह स्वामी की धेवती है। मौके से ठेकेदार भाग गया। घायलों का ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है।
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फिरोजाबाद हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
1200 फीट एरिया में हो रहा था निर्माण
ककरऊ कोठी निवासी अशोक यादव दौलतपुर गांव में अपने पुश्तैनी खेत में मकान का निर्माण करा रहे हैं। 1200 फीट एरिया में मकान का निर्माण करा रहे हैं। शुक्रवार को श्रमिक दूसरी मंजिल पर लिंटर डाल रहे थे। पास में ही अशोक यादव का परिवार भी था। इसी दौरान लिंटर भरभराकर गिर पड़ा। लिंटर पर उस वक्त राजमिस्त्री महेंद्र निवासी न्यू रामगढ़, प्रवीण निवासी दौलतपुर, गौरव निवासी दौलतपुर के साथ लिंटर का मलबा डाल रहे श्रमिक राजवीर निवासी चनौरा, रामगढ़, चमन प्रकाश निवासी रैपुरा, किशनमोहन निवासी चनौरा, श्यामसुंदर निवासी चनौरा, मोनू निवासी ककरऊ कोठी के साथ गृह स्वामी अशोक यादव थे। लिंटर गिरते ही यह सभी उसके मलबे के साथ नीचे आ गिरे और मलबे में दब गए।
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हादसे में कई लोग हुए घायल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी के ऊपर गिरा मलबा
इसके अलावा नीचे टीनशेड में अशोक की पत्नी मुन्नी देवी, विवाहित बेटी शीलू, बेटा शीलेंद्र, नाती अनिकेत और धेवती सृष्टि (4) थी। हादसे में सृष्टि की मौके पर ही मौत हो गई। मलबा इन सभी के ऊपर गिरा, जिससे यह लोग भी घायल हो गए। सूचना पर थाना पुलिस, एंबुलेंस सहित पहुंची और घायलों को मलबे से रेस्क्यू कर बाहर निकाला। सभी को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भेजा गया। यहां डॉक्टरों ने सृष्टि को मृत घोषित कर दिया।
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फिरोजाबाद हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसी को नहीं मिलना संभलने का मौका
अशोक यादव के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद से निर्माण कार्य करा रहा ठेकेदार भंवर सिंह निवासी बघेल कॉलोनी मौके से भाग गया। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और निर्माण में बरती गई लापरवाही की पड़ताल की जा रही है।
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फिरोजपुर में गिरा लिंटर
- फोटो : अमर उजाला
मलबे में दबे लोगों ने सुनाई आपबीती... लगा आज मौत निश्चित है
गृह स्वामी अशोक यादव के बेटे शीलेंद्र ने मलबे से निकलने के बाद आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा, मैं टीनशेड में पड़ी चारपाई पर लेटा था। अचानक जोर की आवाज हुई और पूरा लिंटर भरभराकर गिर गया। मैं मलबे के नीचे दब गया और आंखों के सामने अंधेरा छा गया। मुझे लगा कि मैं अब नहीं बचूंगा। घटना में खुद घायल हुए गृह स्वामी अशोक यादव ने सिहरते हुए बताया, मैं लिंटर के पास ही काम देख रहा था। पलक झपकते ही सब कुछ ढह गया। मैं छाती तक मलबे में दब गया था। मौत एकदम सामने खड़ी नजर आ रही थी। हादसे में घायल राजमिस्त्री और श्रमिक भी भयावह हादसे की जानकारी देते हुए कांप उठे। उन्होंने बताया कि लिंटर का ढांचा अचानक कमजोर होकर गिर पड़ा, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।