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चित्रकूट जेल गोलीकांड: एक और चौंकाने वाला खुलासा, इस एक शख्स की मौजूदगी से गहराया रहस्य
Wed, 19 May 2021 07:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 19 May 2021 07:57 AM IST
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चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जेल में सनसनीखेज शूटआउट को लेकर मंगलवार को बड़ा खुलासा हुआ है। जेल में जब अंशू दीक्षित ने मेराज और मुकीम की हत्या के बाद पांच बंदियों को बंधक बनाया था तो एक जेल वार्डर जगमोहन अंशू को बातचीत कर सरेंडर करने को कह रहा था। यह वही जेल वार्डर जगमोहन है, जो बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय भी मौजूद था। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद ही जगमोहन का तबादला बागपत जेल से चित्रकूट जेल में हुआ था। अब यह महज इत्तेफाक है या कोई बड़ी साजिश, इसकी जांच में पुलिस और एजेंसियां जुटी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक छह मई को जगमोहन कोरोना पॉजिटिव हुआ था और उसको आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी गई थी, इसके बावजूद 13 मई की शाम को चित्रकूट जेल में जगमोहन देखा गया था। 14 मई को शूटआउट के बाद जब हत्यारे अंशू दीक्षित को घेरा जा रहा था तो उस वक्त भी जगमोहन वहां पर मौजूद था।
चित्रकूट जेल।
- फोटो : amar ujala
बागपत जेल में भी सबसे बड़ा सवाल यही था कि सुनील राठी के पास पिस्टल कैसे पहुंची और अब चित्रकूट जेल शूटआउट में भी सबसे बड़ा सवाल यही है। इन दोनों सवालों और शूटआउट में एक ही चीज कॉमन है और वह है जेल वार्डर जगमोहन। लिहाजा एजेंसियों ने जगमोहन से पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि मेराज और मुकीम को गोली मारने के बाद अंशू ने पीसीओ में किसी से फोन पर बात भी की थी।
चित्रकूट गोलीकांड
- फोटो : amar ujala
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक मेराज को एक गोली उसके सिर और दूसरी पीठ से दाखिल होकर पेट से निकल गई थी। वहीं जेल सूत्रों के मुताबिक गोली मारने से पहले हत्यारे अंशू ने मेराज को गालियां दी और भागने को कहा था। मेराज के भागने पर अंशू ने फायरिंग शुरू कर दी थी। दो गोलियां मेराज को लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया था।
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चित्रकूट जिला जेल के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : amar ujala
बता दें कि चित्रकूट जिला जेल रगौली में शुक्रवार के दिन सुबह लगभग आधे घंटे तक ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से हड़कंप मच गया था। जेल में पूर्वांचल के शार्पशूटर अंशू दीक्षित ने पिस्टल से कुख्यात अपराधी मुकीम काला व मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को गोलियों से भून डाला था।
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चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद कई अन्य बंदियों को बंधक बनाकर जेल से भागने की बात करता रहा लेकिन इसी बीच जिले की भारी पुलिस बल ने आकर पूरे परिसर को घेर लिया और अंदर हत्यारोपी अंशू को आत्मसमर्पण के लिए कहा था। हत्यारोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग झोंक दी। जिसमें कई जवान बाल-बाल बच गए थे। इसी बीच जवाबी फायरिंग में पुलिस ने अंशू को भी ढेर कर दिया था।