सपा प्रमुख के तौर पर मुलायम सिंह यादव की दूरदर्शिता पार्टी को मजबूती प्रदान करती थी। इसी का उदाहरण है उत्तर प्रदेश का बदायूं जिला। यहां यादव-मुस्लिम गठजोड़ के जरिये बदायूं सपा का मजबूत गढ़ बन गया था। बदायूं और संभल लोकसभा सीटों पर यादव-मुस्लिम गठजोड़ के दम पर सपा हमेशा मजबूत रही। सपा के गठन के बाद बदायूं लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में सलीम शेरवानी ने पहला चुनाव लड़ा। यादव-मुस्लिम गठजोड़ के दम पर शेरवानी लोकसभा पहुंचे। सलीम शेरवानी कांग्रेस से भी 1984 में सांसद चुने गए थे।
Mulayam Singh: 'नेता जी' की दूरदर्शिता राजनीति के मैदान में उन्हें देती थी मजबूती, जानें इससे जुड़ा एक किस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: आकाश दुबे
Updated Mon, 10 Oct 2022 05:54 PM IST
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