बिजनौर की सरजमी से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का गहरा नाता रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जब भाजपा से अलग हुए तो उन्होंने भारतीय क्रांति दल का गठन किया था। इस दौरान मंडावर निवासी लाला राम किशन अग्रवाल को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया था। लाला राम किशन अग्रवाल उनके नजदीकी रहे हैं। वहीं कल्याण सिंह ने मंडावर में एक जनसभा को संबोधित किया था। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से जिले की जनता को गहरा आघात पहुंचा है।
अलविदा: बिजनौर से रहा कल्याण सिंह का गहरा नाता, भाजपा नेताओं ने निधन पर जताया दुख, सुनाए पुराने कई किस्से
भाजपा नेता बोले, राजनीति में अपूरणीय क्षति
पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के दिग्गज नेता कल्याण सिंह के निधन से जिले के भाजपा नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर नेता से लेकर कार्यकर्ता तक शोक जता रहे हैं। वहीं उनसे मुलाकात से लेकर बातचीत तक सभी याद कर रहे हैं।
मुझे अभी पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन का समाचार मिला। मैं बहुत दुखी हूं। मैंने जब पार्टी ज्वॉइन की थी, तभी से उनसे परिचय था। मेरा उनसे 1991 में मिलना हुआ। वह समर्पित नेता थे। वह रामजन्मभूमि आंदोलन के हीरो थे। देश ने महान राष्ट्रवादी नेता को खो दिया। मैं यह समाचार सुनकर स्तब्ध हूं। देश और पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। - राजा भारतेंद्र सिंह, पूर्व एमपी एवं भाजपा नेता
मैं कल्याण सिंह जी के निधन की सूचना से दुखी हूं। वह देश और हिंदुत्व को समर्पित नेता थे। उनका निधन राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। - सुभाष वाल्मीकि, जिलाध्यक्ष, भाजपा
धामपुर से रहा कल्याण सिंह का गहरा नाता
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का धामपुर से गहरा नाता रहा है। एक बार जब अफजलगढ़ में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के साथ कोई घटना घटित हो गई थी, तब उनकी खैर खबर लेने के लिए अफजलगढ़ आए थे। तब वहां आने के बाद वह धामपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता रह रहे सतीश ठेकेदार के घर पर करीब एक घंटा रुके थे। वे पूरे जिले का हालात जाने थे। उस समय श्याम स्वरूप सर्राफ भाजपा के नगर अध्यक्ष हुआ करते थे। भाजपा नेता महेंद्र धनोरिया बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का धामपुर से और धामपुर वासियों से गहरा नाता रहा है। छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि ढांचे के ध्वस्त हो जाने के बाद 1993 में वह दो बार धामपुर में आए थे। एक बार उन्होंने धामपुर के के. एम. इंटर कॉलेज के मैदान में जनसभा को भी संबोधित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के ओजस्वी भाषणों को सुना था।