नौ साल में आदित्य पर 41 मुकदमे दर्ज हुए। बिजनौर के स्योहारा थाने में पंजीकृत गैंग डी-27 का सरगना भी आदित्य राणा है। आदित्य राणा साल 2013 में हत्या में पहली बार जेल गया, इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपराध की दुनिया में कुख्यात हो गया। उसने अपने ही गांव में दो भाइयों की एक साल के भीतर ही हत्या कर सनसनी फैला दी थी।
स्योहारा थाना क्षेत्र के कासमाबाद में 11 दिसंबर 2013 को धर्मवीर की हत्या की हुई थी। जिसमें आदित्य समेत चार के खिलाफ केस दर्ज करते हुए जेल भेजा गया। उस वक्त आदित्य का सीआरपीएफ में चयन हो गया था, लेकिन हत्याकांड में नाम आने के बाद वह ट्रेनिंग पर नहीं जा सका। आदित्य अपने कॉलेज का धावक भी रहा है।
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आदित्य राणा।
- फोटो : amar ujala
इस हत्याकांड के बाद आदित्य ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपराध की दलदल में धंसता चला गया। जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश में आतंक का पर्याय बने आदित्य राणा पर विभिन्न थानों ने 41 मुकदमे गंभीर धाराओं में दर्ज हैं।
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बिजनौर पुलिस।
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जिसमें हत्या, लूट, हमला गैंगस्टर, डकैती आदि के केस हैं। आदित्य राणा पर स्योहारा थाने में 12, हल्दौर थाने में तीन, धामपुर में तीन, मंडावली में दो, नूरपुर में एक, हीमपुर दीपा में दो, शिवालाकलां में पांच, चांदपुर में तीन, नगीना में एक, कोतवाली देहात में एक आदि समेत हत्या, गैंगस्टर, चोरी, लूट, डकैती, हत्या का प्रयास आदि धाराओं में 41 मुकदमे दर्ज हैं। स्योहारा थाने में आदित्य गैंग का डी-27 के नाम से गैंग रजिस्टर्ड है। जिसमें आदित्य को गैंग का सरगना व थाना स्योहारा के गांव चंचलपुर निवासी विशाल व स्वाहेड़ी निवासी रोहित को सक्रिय सदस्य बनाया था।
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बदमाश आदित्य राणा
- फोटो : अमर उजाला
दो भाइयों की हत्या कर फैला दी थी सनसनी
गांव में अपने ही पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाइयों को एक साल में मौत के घाट उतारने के बाद आदित्य जिले की पुलिस के लिए सिर दर्द बन गया था। उसके बाद एक के बाद एक अपराध कर आदित्य जरायम की दुनिया का बादशाह बना। थाना क्षेत्र के गांव राणा नंगला निवासी आदित्य राणा पुत्र राजपाल सिंह ने अपराध की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की दौड़ में एक के बाद एक अपराध करता चला गया।
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बिजनौर पुलिस।
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आदित्य स्योहारा क्षेत्र में सुर्खियों तब आया जब उसने पुलिस मुखबिर के शक में 14 अक्तूबर 2017 में मुकेश पुत्र नत्थू सिंह की गांव के पास ही गोली मार कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने आदित्य को काफी तलाश किया, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस को चमका देकर 10 जनवरी 2018 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।