शाहजहांपुर में खन्नौत और गर्रा नदियों का पानी शहर में घुस गया है। शहर के तमाम मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। शहर की लगभग एक लाख आबादी बाढ़ से जूझ रही है। मंगलवार रात से ही खन्नौत और गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था। इसकी वजह से बुधवार की सुबह लोधीपुर, दलेलगंज, ख्वाजा फिरोज आदि मोहल्ले बाढ़ से जलमग्न हो गए। लोधीपुर क्षेत्र में सड़क पर खन्नौत नदी की बाढ़ आ गई। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन की टीमें राहत बचाव में जुट गईं। लोधीपुर में नावों से लोगों को निकाला गया। सुभाषनगर कॉलोनी में पानी भरने से लोगों को बाहर निकाला गया।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भरा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
शहर के लोगों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में बाढ़ का पानी कॉलोनियों तक नहीं पहुंचा। लेकिन इस बार गर्रा नदी का पानी राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी घुस गया। अस्पताल के ट्रामा सेंटर के बाहर तक पानी भरा हुआ है। खन्नौत नदी का पानी बृजविहार कॉलोनी और इंदिरा नगर कॉलोनी में भी पहुंच गया। रेती रोड पर घुटनों तक पानी हो गया।
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शहर की सड़क पर बाढ़ का पानी
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गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से सुभाष नगर, ककरा आदि मोहल्लों में पानी घुस गया है। यहां के लोग पलायन करने को मजबूर हैं। घर के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी भरने से तमाम लोगों ने छतों पर डेरा डाला है। प्रशासन की ओर से राहत कार्य का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से लोगों को मदद मिलनी चाहिए, वह उन तक नहीं पहुंच पा रही। वहीं लोधीपुर में नावों से लोगों को निकाला गया।
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सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाते लोग
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इंदिरा नगर कॉलोनी स्थित कुष्ठ आश्रम में मंगलवार रात को ही बाढ़ का पानी भर गया। यहां रहने वाले कुष्ठ रोगियों के करीब 20 परिवार बेघर हो गए। देर रात से ही उन्होंने अपनी गृहस्थी का सामान बाढ़ के पानी के बीच से निकालकर सूखे स्थान पर ले जाना शुरू कर दी।
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सुभाषनगर कॉलोनी से लोगों को निकाला गया
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ऋषि आश्रम रोड पर बने सात-आठ घरों के मुख्य दरवाजे के अंदर तक पानी पहुंच गया। इनमें मकानों में रहने वाले लोग कैद में रहने को मजबूर हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की बिजली काट दी गई है। देर रात से बिजली न आने के कारण इन्वर्टर आदि भी बैठ गए। सुभाषनगर कॉलोनी से लोगों को बाहर निकाला गया है।