पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र के गांव टांडा बिजैसी निवासी राजमिस्त्री गोकुल मलिक (32) को रविवार शाम बाघ ने हमला कर मार डाला। वह काम करके घर लौट रहे थे। सोमवार की सुबह गांव के नजदीक गन्ने के खेत में राजमिस्त्री का अधखाया शव मिला। घटना को लेकर परिजन और ग्रामीणों में आक्रोश है। बाघ को पकड़ने की मांग पर अड़े परिजनों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया। अफसरों के आश्वासन पर छह घंटे बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतक की पत्नी सुनीता ने बताया कि गोकुल रोजाना की तरह रविवार की सुबह आठ बजे गांव से करीब सात किलोमीटर दूर उत्तराखंड के बनगवा क्षेत्र में काम पर गए थे। गोकुल पैदल ही काम पर जाते थे। देर शाम काम करने के बाद वह पैदल ही घर लौट रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के नजदीक भानु प्रताप सिंह के फार्म हाउस के निकट खेतों से निकले बाघ ने गोकुल पर हमला कर दिया। गन्ने के खेत में उसे खींच ले गया।
2 of 5
गन्ने के खेत में मिला शव
- फोटो : अमर उजाला
देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजन ने गोकुल की तलाश शुरू की। मोबाइल से संपर्क न होने पर आसपास तलाश किया। सोमवार की सुबह खेतों की ओर पहुंचे किसानों ने गन्ने के खेत के किनारे खून और अंगोछा पड़ा देखा। कुछ ही दूरी पर गोकुल का अधखाया शव बरामद हो गया।
3 of 5
बाघ ने युवक को मार डाला
- फोटो : अमर उजाला
शव क्षत-विक्षत हालत में था, जिसे देखकर ग्रामीणों के रोंगेट खड़े हो गए। सूचना पर मृतक के परिवार वाले भी आ गए। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण बाघ को पकड़ने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि बाघ आसपास ही होगा। फिर किसी दूसरे ग्रामीण पर हमला कर सकता है।
4 of 5
घटनास्थल पर खड़े ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बाघ के न पकड़े जाने तक ग्रामीणों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल और डीएफओ संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को पिंजड़ा लगाने का आश्वासन दिया। तब जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
5 of 5
घटनास्थल पर खड़े पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगवाया जाएगा। बाघ की निगरानी के लिए टीमें लगा दी गईं हैं। मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।