पीलीभीत के अमरिया में घर के बाहर भूसे के ढेर से तीन दिन तक धुआं उठता रहा। लोगों ने इसे सामान्य आग मानकर अनदेखा कर दिया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उसी सुलगते भूसे के नीचे एक मां की हत्या का ऐसा राज दफन है, जो पूरे गांव को सन्न कर देगा। हरियाणा से लौटे छोटे बेटे ने जब लापता मां की तलाश में भूसे के ढेर के जले भाग को हटाया तो पहले मानव हड्डियां और फिर मां के हाथों के कंगन दिखाई दिए। इसके बाद गांव में मातम पसर गया। अब पुलिस डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
जिठनिया गांव निवासी 65 वर्षीय मोहनदेई के जीवन में पहले ही कई दुख आ चुके थे। छह वर्ष पहले पति का निधन हो गया था। दो साल पहले एक बेटे की तालाब में डूबने से मौत हो गई।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ा बेटा सुरेश गांव में अपने परिवार के साथ अलग मकान में रहता है, जबकि मोहनदेई गांव से बाहर बने घर में अकेली रहती थीं। छोटा बेटा माखन हरियाणा में नौकरी करता है। गांव आने पर मां या फिर गजरौला क्षेत्र के सुहास गांव में रहने वाली अपनी बहन के यहां ठहरता था।
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मोहनदेई की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को जब माखन हरियाणा से गांव पहुंचा तो उसने लापता मां की तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन बृहस्पतिवार शाम को वह फिर घर पहुंचा।
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सास के शव को भूसे के ढेर में जलाकर व साक्ष्य मिटाने का आरोप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर के बाहर पड़े जले हुए भूसे के ढेर को हटाया तो वहां मानव हड्डियां दिखाई दीं। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि बरामद अवशेष को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद हकीकत सामने आएगी।
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सास के शव को भूसे के ढेर में जलाकर व साक्ष्य मिटाने का आरोप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नशे में धक्का देने की बात कबूली
पुलिस ने आरोपी महेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने 31 जुलाई की रात विवाद होने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि नशे की हालत में उसने अपनी सास मोहनदेई को धक्का दे दिया था, जिससे वह गिरकर बेहोश हो गई।