पीलीभीत के पूरनपुर में हुई मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकियों के मददगारों की तलाश में जुटी पुलिस को इंग्लैंड में बैठे आतंकी कुलबीर सिंह सिद्धू के कई करीबियों की जानकारी हाथ लगी है। इसी कड़ी में अब पुलिस जेल भेजे गए आतंकियों के स्थानीय मददगार जसपाल सिंह सनी को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। कोर्ट में बुधवार को इसके लिए विवेचक के बयान और जिरह होगी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मददगार सनी
- फोटो : अमर उजाला
गजरौला जप्ती निवासी सनी ने ही मुठभेड़ में मारे गए आतंकी गुरविंदर सिंह, वरिंदर सिंह उर्फ रवि व जशनप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह को सिद्धू के कहने पर असम चौराहा के समीप हरजी होटल में रुकवाया था। सिद्धू ने सनी के व्हाट्सएप पर तीनों आतंकवादियों के बलिया के पते के बने फर्जी आधार कार्ड भेजे थे। पूछताछ में सनी ने ही पुलिस को ये जानकारी दी थी।
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सीसीटीवी में कैद आतंकी और अन्य
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सनी के साथ आतंकियों को होटल तक छोड़ने गांव का दीपक भी गया था। हालांकि दीपक की साजिश में ज्यादा भूमिका न मिलने पर बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। वहीं सनी को जेल भेज दिया था। पुलिस सिद्धू के क्षेत्र में एक साल से अधिक समय तक रहने के दौरान उसके करीबियों की तलाश कर कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
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थाने में पुलिस और जांच एजेंसियां
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग भी लगे हैं। पता चला है कि सिद्धू गांव गजरौला जप्ती के प्रधान के घर के अलावा अन्य कई युवकों के पास भी रुका था। हालांकि पुलिस का मानना है कि सिद्धू का सबसे अधिक करीबी सनी ही है। इसलिए अब उसे रिमांड पर लेकर कई अन्य जानकारियां हासिल की जाएंगी। हालांकि पुलिस को सनी की रिमांड मिलेगी या नहीं, यह कोर्ट में ही तय हो सकेगा।
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वरिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह और जसन प्रीत सिंह के फाइल फोटो
- फोटो : यूपी पुलिस
23 दिसंबर को हुई थी मुठभेड़
पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर थाने की बख्शीवाल पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के बाद आतंकी वरिंदर सिंह उर्फ रवि, जसनप्रीत उर्फ प्रताप सिंह, गुरविंदर सिंह पूरनपुर पहुंचे थे। 20 से 21 दिसंबर के बीच तीनों हरजी होटल में ही रुके थे। 23 दिसंबर को तड़के पुलिस मुठभेड़ में तीनों मारे गए थे।