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पीलीभीत एनकाउंटर में बड़ा खुलासा: दो दिन पहले आकर होटल में ठहरे!... आतंकियों का स्थानीय कनेक्शन; तस्वीरें
Tue, 24 Dec 2024 07:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Dec 2024 07:59 AM IST
सार
मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों का स्थानीय कनेक्शन बड़ा सवाल है। आतंकियों के नगर में किसी होटल में ठहरने की चर्चा जोरों पर है। पंजाब में वारदात कर आतंकी पीलीभीत कब और क्यों आए, यहां उनके संपर्क में कौन है?
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Pilibhit Encounter
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब की पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला करने वाले खालिस्तान समर्थक तीन आतंकियों को पंजाब और पीलीभीत पुलिस ने साझा कार्रवाई में मार गिराया। पूरनपुर क्षेत्र में माधोटांडा मार्ग पर आतंकियों से सोमवार सुबह मुठभेड़ हुई। इसमें दो सिपाही घायल हुए हैं। आतंकियों की गोलियों में से तीन पूरनपुर थाना प्रभारी की गाड़ी पर लगीं। आतंकियों से दो एके-47, दो विदेशी पिस्टल और चोरी की एक बाइक बरामद हुई है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि आतंकी कब आए थे, कहां रुके और उनका स्थानीय कनेक्शन क्या था, इसकी जांच की जा रही है।
Pilibhit Encounter
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव के अनुसार, आतंकियों की पहचान गुरविंदर सिंह (25), वरिंदर सिंह उर्फ रवि (23) और जसनप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह (18) के रूप में हुई है। तीनों पंजाब में गुरदासपुर जिले के रहने वाले थे। उन पर कलानौर थाने की बख्शीवाल चौकी पर हमला करने का आरोप था।
पीलीभीत के एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे कलानौर थाने की पुलिस यहां पहुंची और अपराधियों के पूरनपुर में होने की सूचना दी। इसके बाद यूपी व पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर तलाशी शुरू की गई।
पीलीभीत के एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे कलानौर थाने की पुलिस यहां पहुंची और अपराधियों के पूरनपुर में होने की सूचना दी। इसके बाद यूपी व पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर तलाशी शुरू की गई।
घटनास्थल पर पड़ी बाइक
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान, सुबह करीब 5:30 बजे खमरिया पट्टी के पास बाइक से जा रहे तीन संदिग्धों को रोकने के लिए घेराबंदी की। तीनों माधोटांडा मार्ग की तरफ मुड़ गए। वहां खुद को घिरता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में तीनों जख्मी हो गए। उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पांडेय ने बताया, मुठभेड़ में घायल सिपाही शाहनवाज व बिजनौर के सुमित राठी का इलाज चल रहा है।
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वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह और जसन प्रीत सिंह के फाइल फोटो
- फोटो : यूपी पुलिस
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़े थे तीनों
पंजाब पुलिस के अनुसार, तीनों आतंकी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) से जुड़े हुए थे। सरगना अगवां का ही रहने वाला वरिंदर था। पंजाब के डीआईजी सतिंदर सिंह ने बताया कि ग्रेनेड हमले के बाद आतंकियों के पीलीभीत में छिपे होने की सूचना थी। पुलिस पता लगा रही है कि आतंकियों ने पीलीभीत ही क्यों चुना, उनसे मिली बिना नंबर की बाइक किसकी थी।
पंजाब पुलिस के अनुसार, तीनों आतंकी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) से जुड़े हुए थे। सरगना अगवां का ही रहने वाला वरिंदर था। पंजाब के डीआईजी सतिंदर सिंह ने बताया कि ग्रेनेड हमले के बाद आतंकियों के पीलीभीत में छिपे होने की सूचना थी। पुलिस पता लगा रही है कि आतंकियों ने पीलीभीत ही क्यों चुना, उनसे मिली बिना नंबर की बाइक किसकी थी।
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Pilibhit Encounter: आरोपियों से बरामद हुईं एके-47 और कारतूस
- फोटो : यूपी पुलिस
पाकिस्तान प्रायोजित मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी सफलता
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया, 18 दिसंबर को बख्शीवाल पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला हुआ था। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने सोशल मीडिया के जरिये हमले की जिम्मेदारी ली थी। मुठभेड़ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी सफलता है। पंजाब के जिलों में इस महीने तीन धमाके हुए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, मॉड्यूल का नियंत्रण केजेडएफ के मुखिया रंजीत सिंह नीता के हाथ में था। इसका संचालन ग्रीस में रह रहा जसविंदर सिंह मन्नू कर रहा था, जो खुद भी कलानौर के अगवां गांव का रहने वाला है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया, 18 दिसंबर को बख्शीवाल पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला हुआ था। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने सोशल मीडिया के जरिये हमले की जिम्मेदारी ली थी। मुठभेड़ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी सफलता है। पंजाब के जिलों में इस महीने तीन धमाके हुए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, मॉड्यूल का नियंत्रण केजेडएफ के मुखिया रंजीत सिंह नीता के हाथ में था। इसका संचालन ग्रीस में रह रहा जसविंदर सिंह मन्नू कर रहा था, जो खुद भी कलानौर के अगवां गांव का रहने वाला है।