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आशीष मिश्र गिरफ्तार: काम नहीं आए बेगुनाही साबित करने के सबूत, शपथ पत्र भी साथ लाया था मंत्री का बेटा 'मोनू'
Sun, 10 Oct 2021 12:51 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 10 Oct 2021 12:51 PM IST
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आशीष मिश्र पहुंचा क्राइम ब्रांच के दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और सक्रियता के बाद तिकुनिया कांड का आरोपी आशीष मिश्र मोनू को दूसरे नोटिस के बाद क्राइम ब्रांच के ऑफिस में पेश होना ही पड़ा। शनिवार को उन्होंने जांच टीम को अपनी बेगुनाही के सुबूत दिए, जो काम नहीं आए। जानकारी के मुताबिक आशीष मिश्र के बचाव की हर कोशिशें हुई। घटनाक्रम से जुड़े लोगों से शपथ पत्र हासिल किए गए। मंदिर और पूजागृह में पूजन कराया गया। जांच के लिए समन भेजे जाने के बाद भी आशीष मिश्र शुक्रवार को पूछताछ में शामिल नही हुए। बल्कि शनिवार को पूरी तैयारी के साथ पुलिस लाइंस स्थित क्राइम ब्रांच के दफ़्तर में पेश हुए। सूत्रों के अनुसार वह घटना से जुड़े कई वीडियो अलग-अलग पेन ड्राइव में रखकर ले गए। साथी ही खुद को निर्दोष बताने वाले शपथ पत्र भी लेकर गए थे। इस दौरान शहर के चर्चित अधिवक्ता अवधेश सिंह को अपने साथ ले गए थे।
आशीष मिश्र पहुंचा क्राइम ब्रांच के दफ्तर
- फोटो : एएनआई
शनिवार को जांच टीम की पूछताछ के दौरान पहले तो उनके वकील साथ में रहे। बाद में पुलिस अफसरों ने आशीष मिश्र मोनू को अलग ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी। उनके साथ गए लोगों को इतनी दूरी पर कर दिया गया कि वह आशीष मिश्र मोनू को देख तो सकें लेकिन उनकी बातचीत न सुन सकें।
आशीष मिश्र पहुंचा क्राइम ब्रांच के दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला
नहीं बता पाया अपनी लोकेशन
पुलिस की पूछताछ में सबसे अहम बिंदु यह रहा कि घटना के वक्त आशीष कहां था। आशीष की ओर से कई वीडियो साक्ष्य दिए गए, लेकिन वह किसी में भी घटना के समय पर कहीं और होने का साक्ष्य नहीं दे पाया। घटना के दिन दोपहर 2:34 से 3:31 बजे तक कोई लोकेशन नहीं मिल पाई। पुलिस ने यह भी पूछा कि रूट डायवर्ट होने की सूचना के बावजूद वह उसी रास्ते से क्यों गया। पुलिस ने यह भी पूछा कि उस दिन मौके पर गई गाड़ियों में और कौन-कौन लोग मौजूद थे।
पुलिस की पूछताछ में सबसे अहम बिंदु यह रहा कि घटना के वक्त आशीष कहां था। आशीष की ओर से कई वीडियो साक्ष्य दिए गए, लेकिन वह किसी में भी घटना के समय पर कहीं और होने का साक्ष्य नहीं दे पाया। घटना के दिन दोपहर 2:34 से 3:31 बजे तक कोई लोकेशन नहीं मिल पाई। पुलिस ने यह भी पूछा कि रूट डायवर्ट होने की सूचना के बावजूद वह उसी रास्ते से क्यों गया। पुलिस ने यह भी पूछा कि उस दिन मौके पर गई गाड़ियों में और कौन-कौन लोग मौजूद थे।
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अजय मिश्र के घर के बाहर चिपकाया दूसरा नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
लगभग 12 घंटे की पूछताछ में भी यह सवाल अनसुलझा ही रहा कि घटना के समय आशीष कहां था। इसके बाद भी पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग न करने और सवालों के सही जवाब न देने को आधार मानते हुए आशीष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मौके से मिस कारतूस के बारे में भी कई सवाल पूछे गए। गाड़ियों के मालिकाना हक से जुड़ी पूछताछ भी की गई। पुलिस की ओर से उसकी लोकेशन के बारे में सवाल का भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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आशीष मिश्रा गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
जांच टीम के इन सवालों में उलझे आशीष मिश्र
टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने आशीष से तीखे सवाल किए, जिनका सामना करने में वह परेशान दिखा। जांच टीम ने पूछा कि घटना के वक्त वह कहां था? जब रूट बदला गया तो उसकी गाड़ी उस रास्ते से होकर क्यों गई? घटना का पता उसे कब चला? घटना में कितने लोग मारे गए और इसकी जानकारी उसे कब और कैसे लगी? इस दौरान आशीष मिश्र मोनू ने घटना के दिन अपने बनवीरपुर होने की दलील दी। सूत्रों के मुताबिक जब जांच टीम ने पूछा कि घटना के दिन वह 2:36 से 3:30 के बीच कहां थे, तो वह इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने आशीष से तीखे सवाल किए, जिनका सामना करने में वह परेशान दिखा। जांच टीम ने पूछा कि घटना के वक्त वह कहां था? जब रूट बदला गया तो उसकी गाड़ी उस रास्ते से होकर क्यों गई? घटना का पता उसे कब चला? घटना में कितने लोग मारे गए और इसकी जानकारी उसे कब और कैसे लगी? इस दौरान आशीष मिश्र मोनू ने घटना के दिन अपने बनवीरपुर होने की दलील दी। सूत्रों के मुताबिक जब जांच टीम ने पूछा कि घटना के दिन वह 2:36 से 3:30 के बीच कहां थे, तो वह इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।