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कंचन हत्याकांड: पति ने पुलिस को बताया खौफनाक सच, हत्या के बाद भी किया था ये घिनौना काम
Tue, 10 Nov 2020 08:34 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 10 Nov 2020 08:34 AM IST
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kanchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के चर्चित कंचन हत्याकांड का राज खुल गया है। पीलीभीत में हत्या करके बरेली में उसका शव फेंकने के मुख्य आरोपी सुनील शास्त्री को पुलिस ने कोर्ट में आत्मसमर्पण से पहले उठा लिया। सुनील ने चौंकाने वाली बातें बताईं तो पुलिस ने उसकी पहली पत्नी को भी पकड़ लिया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सुनील ने कबूल किया है कि कि कंचन उसके साथ लिव इन में थी, पहली पत्नी के सामने शादी की जिद करते हुए उसे तमाचा मारा तो दोनों ने मिलकर कंचन की हत्या कर दी। 30 अक्तूबर को रामगंगा के पास बेडशीट में लिपटा युवती का शव मिला था। शरीर पर कई जगह गहरे घाव थे तो गर्दन भी रेती गई थी।
kanchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
बाद में पता लगा कि शव कंचन नाम की युवती का है। वह मूल रूप से सुभाष नगर की निवासी थी जिसकी पीलीभीत के सुनगढ़ी निवासी सुनील शास्त्री से प्रेमविवाह की बात बताई गई। कंचन के भाई भरत ने सुनील के साथ ही उसके माता पिता, बहन के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट बिशारतगंज थाने में दर्ज कराई। तब से पुलिस सुनील को खोज रही थी। सुनील अपने तीन बच्चों, विधवा बहन, बहन की तीन बेटियों व माता पिता के साथ फरार था। दस लोगों के परिवार को तलाशने में पुलिस ने दिन रात एक कर दिया पर मोबाइल बंद होने से सफलता नहीं मिल सकी। हाल ही में पुलिस ने रिश्तेदारों पर दबाव बनाया तो शनिवार को सुनील की आत्मसमर्पण याचिका बरेली कोर्ट में आ गई।
noida news
- फोटो : अमर उजाला।
गला दबाकर मारा, फेंकते वक्त मारे चाकू
सुनील ने स्वीकार किया कि घर पर उसने गला दबाकर कंचन की हत्या की। फिर चादर में लपेटकर शव को रामगंगा किनारे ले आया। यहां फेंकने के दौरान उसे आशंका थी कि कहीं कंचन जिंदा न बच जाए। तब साथ लाए चाकू से उसके शरीर पर वार किए। देर शाम पुलिस उसे चाकू की तलाश कराने फिर घटनास्थल पर ले गई।
सुनील ने स्वीकार किया कि घर पर उसने गला दबाकर कंचन की हत्या की। फिर चादर में लपेटकर शव को रामगंगा किनारे ले आया। यहां फेंकने के दौरान उसे आशंका थी कि कहीं कंचन जिंदा न बच जाए। तब साथ लाए चाकू से उसके शरीर पर वार किए। देर शाम पुलिस उसे चाकू की तलाश कराने फिर घटनास्थल पर ले गई।
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सुनील शास्त्री के साथ कंचन
- फोटो : अमर उजाला
डिग्गी में लाया शव, सीमा आई साथ
सुनील ने बताया कि उसके पास वैगनआर कार है। उसने हत्या के बाद कंचन का शव कार की डिग्गी में रखा और ले आया। सीमा उसके साथ आई। बाद में दोनों पीलीभीत तक साथ गए। अगले दिन भागा तो सीमा को उसके मायके भेज दिया।
सुनील ने बताया कि उसके पास वैगनआर कार है। उसने हत्या के बाद कंचन का शव कार की डिग्गी में रखा और ले आया। सीमा उसके साथ आई। बाद में दोनों पीलीभीत तक साथ गए। अगले दिन भागा तो सीमा को उसके मायके भेज दिया।
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कंचन हत्याकांड की आरोपी सीमा और सुनील शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
रामगंगा किनारे पढ़ाई की, चप्पे-चप्पे से वाकिफ है
सुनील शास्त्री ने बताया कि रामगंगा के जयदेवी संस्कृत विद्यालय में उसने नवीं तक शिक्षा ग्रहण की है। इस दौरान कई साल तक रामगंगा किनारे रहा था। उसे इलाके के चप्पे चप्पे की जानकारी है। फंसने पर बचकर निकलने के रास्ते भी पता हैं। यहां शव मिलने पर सुभाष नगर में मायके वालों के फंसने की भी गुंजाइश थी। इसलिए काफी सोच समझकर यह फैसला किया।
पैतृक गांव में था, पुलिस नहीं खोज पाई
सुनील ने बताया कि उसका पैतृक गांव रम्पुरा नत्थू बरखेड़ा क्षेत्र में है। हत्या के बाद वह वहां चला गया था और परिवार समेत आसपास रिश्तेदारियों में रह रहा था। माता पिता अब भी वहीं हैं और बच्चे भी उनके पास हैं।
सुनील शास्त्री ने बताया कि रामगंगा के जयदेवी संस्कृत विद्यालय में उसने नवीं तक शिक्षा ग्रहण की है। इस दौरान कई साल तक रामगंगा किनारे रहा था। उसे इलाके के चप्पे चप्पे की जानकारी है। फंसने पर बचकर निकलने के रास्ते भी पता हैं। यहां शव मिलने पर सुभाष नगर में मायके वालों के फंसने की भी गुंजाइश थी। इसलिए काफी सोच समझकर यह फैसला किया।
पैतृक गांव में था, पुलिस नहीं खोज पाई
सुनील ने बताया कि उसका पैतृक गांव रम्पुरा नत्थू बरखेड़ा क्षेत्र में है। हत्या के बाद वह वहां चला गया था और परिवार समेत आसपास रिश्तेदारियों में रह रहा था। माता पिता अब भी वहीं हैं और बच्चे भी उनके पास हैं।