हिमालय की तलहटी का तराई क्षेत्र शिव साधकों का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि लखीमपुर खीरी जिले में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं। इनमें से कई मंदिर महाभारतकालीन हैं। मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी पर जंगल में स्थित जंगली नाथ मंदिर का इतिहास भी महाभारतकाल से जुड़ा है। इस मंदिर से चार किलोमीटर की दूरी पर गोमती नदी बहती है। जंगल के बीचोंबीच दुर्गम स्थान पर स्थापित यह मंदिर पांडवों के अज्ञातवास के समय का बताया जाता है। जानते हैं जंगली नाथ मंदिर का इतिहास और मान्यता...
जंगली नाथ मंदिर: तराई के जंगल में विराजे हैं भगवान शिव, महाभारतकाल से जुड़ा है इतिहास; जानिए मान्यता
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:50 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन