बरेली में बड़ी बमनपुरी की ऐतिहासिक राम बरात में हुरियारों ने जमकर रंग, गुलाल उड़ाया और शहरवासियों को रंगों से सराबोर करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। होली की मस्ती में झूमते हुरियारों की टोली जिधर से गुजरी... उधर सड़कों पर रंगों की छाप पड़ती रही। जगह-जगह राम बरात का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। चौराहों पर शहरवासियों के साथ रंगों से भिगोने की मोर्चाबंदी आकर्षण का केंद्र रही।
मंगलवार को राम बरात का शुभारंभ बड़ी बमनपुरी के नृसिंह मंदिर से मंत्रोच्चार और स्वरूपों की आरती उतारकर मुख्य अतिथि ब्रह्मपुरी रामलीला कमेटी के संरक्षक अनुपम कपूर ने किया। बता दें कि बरेली में होली के अवसर पर रामलीला का आयोजन होता है। यह अनूठी परंपरा 163 वर्ष पुरानी है। इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है।
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राम बरात में नाचते हुरियारे
- फोटो : अमर उजाला
प्रभु श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप जिस रथ पर सवार थे, उसके सारथी कैंट विधायक संजीव अग्रवाल रहे। दूसरी ओर, चाहबाई से निकलने वाली नृसिंह यात्रा का शुभारंभ परंपरानुसार व्यापारी नेता पवन अरोरा ने किया। इसके बाद दोनों यात्राएं हुरियारों के हुड़दंग और रंगों की फुहार के साथ आगे बढ़ती हुई जिला पंचायत बिहारीपुर ढाल के पास एकजुट हो गईं।
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धूमधाम से निकली राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
पहली मोर्चाबंदी यहीं हुई। हुरियारों ने एक दूसरे पर जवाबी फुहार बरसाते हुए आगे बढ़े। हॉरर मास्क, मलिंगा हेयर स्टाइल में सजे बहरूपियों ने जमकर मस्ती की। कहीं पानी की कमी न रहे, इसके लिए फायर ब्रिगेड के वाहन साथ चलते रहे।
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धूमधाम से निकली राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
हुरियारों की मोर्चाबंदी बिहारीपुर ढाल, इस्लामिया ग्राउंड, नॉवेल्टी, कालीबाड़ी, बांस मंडी, मठ की चौकी के बाद आलमगिरीगंज पहुंचने पर अंतिम मोर्चाबंदी हुई।
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धूमधाम से निकली राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
बड़ी बमनपुरी से रामबरात शुरू होकर दरगाह आला हजरत मोड़, बिहारीपुर ढाल, खलील तिराहा, नॉवेल्टी चौराहा, रोडवेज, कालीबाड़ी, श्यामगंज, साहू गोपीनाथ, आलमगिरी गंज, बड़ा बाजार होते हुए देर रात मंदिर पहुंचकर विश्राम हुआ।