महिला पुलिसकर्मियों से संबंध बनाकर उनकी कमाई पर ऐश करने वाला राजन वर्मा बेहद शातिर है। वह लखीमपुर खीरी में पेठे की फैक्टरी चलाता था। सिपाही की नौकरी लगवाने के नाम पर कथित पुलिसकर्मी के हाथ पांच लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गया। इसके बाद उसने खुद को पुलिसवाला ही मान लिया और महिला पुलिसकर्मियों को फंसाने का खेल शुरू कर दिया। बरेली जिले में तैनात एक महिला सिपाही को भी उसने झांसे में लिया। पीड़ित सिपाही की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी राजन को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी राजन
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में राजन ने पुलिस को बताया कि वह अयोध्या में पेठे की सप्लाई करता था। वहीं उसकी मुलाकात सुनील गुप्ता से हुई। सुनील खुद को एसओजी का सिपाही बताता था। राजन को पुलिसवालों का अंदाज भा गया। इसी का फायदा उठाकर सुनील ने उसे पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख रुपये झटक लिए।
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आरोपी राजन वर्मा
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राजन सुनील के साथ रहने लगा। दो-तीन महीने सुनील गुप्ता ने उसके खाते में वेतन के रूप में खुद रुपये डाले, फिर रुपये देना बंद कर दिया। राजन ने अधिकारियों से शिकायत की तो सुनील ने कुछ रुपये लौटा दिए।
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आरोपी राजन वर्मा
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खुद को पुलिस वाला बताकर की शादी, महिला सिपाही छोड़ गई
सुनील गुप्ता के साथ रहने के दौरान राजन की कई पुलिसवालों से दोस्ती हो गई और वह उन्हीं की तरह रहन-सहन सीख गया। कोतवाल डीके शर्मा के मुताबिक खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए राजन ने एक सजातीय महिला आरक्षी से शादी भी की थी। जब महिला सिपाही को उसके 8वीं पास और बेरोजगार होने का पता चला तो उसने दूरी बना ली।
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आरोपी राजन वर्मा
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वर्मा सरनेम की सिपाहियों पर डालता था डोरे
राजन उप्र पुलिस की बेवसाइट खोलना सीख गया था। इसके जरिये वह वर्मा सरनेम वाली अविवाहित महिला सिपाहियों के नाम-पते छांटकर उनसे दोस्ती करता था। कई महिला सिपाहियों से दोस्ती, शादी का झांसा और कुछ मामलों में शादी करके राजन ने उनका यौन शोषण किया और उनकी कमाई पर ऐश करने लगा।