बरेली में फायरिंग मामले में प्रथम दृष्टया इज्जतनगर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। इसमें मिलीभगत का भी अंदेशा है। एसएसपी ने मौका मुआयना करने के बाद थाने में बैठकर खुद जांच की और वहीं से इंस्पेक्टर समेत छह लोगों पर कार्रवाई कर दी। घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है जो कब्जे के प्रारंभिक दौर का बताया जा रहा है। इसमें पुलिसकर्मी खड़े हैं और जेसीबी व मजदूर आराम से तोड़फोड़ में लगे हैं।
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Firing In Bareilly
- फोटो : अमर उजाला
तर्क दिया जा रहा है कि राजीव पक्ष के पास कोर्ट के आदेश संबंधी कुछ कागजात थे, जिनके आधार पर वह खुद को जमीन का मालिक मान रहे थे। बताते हैं कि इज्जतनगर इंस्पेक्टर की जानकारी में वह कब्जा लेने गए थे पर दांव सफल नहीं हो सका।
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एसएसपी ने जांच की तो प्रारंभिक तौर पर इंस्पेक्टर से लेकर बीट सिपाहियों तक की लापरवाही सामने आई। कब्जे की जानकारी के बाद भी पुलिस की छोटी टीमें तो मौके पर कई बार गईं पर इंस्पेक्टर करीब एक घंटे बाद उस वक्त फोर्स लेकर पहुंचे जब फायरिंग से अफरातफरी मच चुकी थी। इसीलिए इस मामले में बीट के सभी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी गई।
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दोनों गुटों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत होगी कार्रवाई
जिस तरह से यह बवाल हुआ, उससे लगता है कि दोनों पक्षों में पुलिस का कोई खौफ नहीं था। फायरिंग करते हुए दबंगों के वीडियो वायरल हुए तो हर कोई कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर सवाल खड़े करने लगा।
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एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह, दरोगा राजीव प्रकाश व बीट आरक्षी सन्नी कुमार, विनोद कुमार, राजकुमार व अजय तोमर को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि बताया कि घटना दुस्साहसिक है। इससे आम लोगों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता था। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।