साइबर दुनिया में बच्चियों से संबंधित अपराध बढ़े हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप के अलावा वीडियो और फोटो शेयरिंग वाले मोबाइल एप व वेबसाइट के जरिये उनकी मासूमियत का साइबर क्रिमनल फायदा उठाते हैं। जागरूकता से ही इससे बचा जा सकता है।
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अमर उजाला अपराजिता
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बेटियों को इससे बचाने के लिए बुधवार को नैनीताल रोड स्थित सेक्रेड हार्ट्स स्कूल में साइबर पाठशाला हुई। इसमें एसपी क्राइम रमेश कुमार भारतीय ने साइबर दुनिया में बढ़ रहे अपराध और इससे बचाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों खासकर बच्चियों को बारहवीं तक वर्चुअल दुनिया से दूर रहना चाहिए। कोई आईडी हेक कर ब्लैकमेल करना चाहे तो माता-पिता को जरूर बताएं।
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एसपी क्राइम ने अपनी बात साइबर ठगी से शुरू की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी जागरूक हो तो ऐसे अपराधों को कम किया जा सकता है। साइबर दुनिया में सारा खेल डाटा का है। छात्राएं सोशल मीडिया का उपयोग करती हैं तो अपना डाटा शेयर न करें। फोटो, व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने से बचें।
कई बार उनके आसपास के लोग ही इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। फोटो निकालकर इसको फोटोशॉप से एडिट करते हैं और फिर लड़कियों को परेशान करते हैं। उन्होंने बताया कि आजकल स्कूल-कॉलेजों में इस तरह के मामले तेजी से बढ़े हैं। ऑनलाइन गेम और फर्जी वेबसाइट से भी दूर रहने की सलाह दी। उन्हीं वेबसाइट पर लॉगिन करें जो सुरक्षित हों। फर्जी वेबसाइट या मोबाइल एप से वायरस मोबाइल में पहुंचता है और सारी जानकारी चोरी हो जाती है।
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आजकल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका बड़ा खेल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि छात्र लड़की के नाम से आईडी बनाकर उनको परेशान करते हैं। साइबर अपराध के लिए सख्त कानून हैं। किसी बच्ची के सामने ऐसी दिक्कत आती है तो अपने माता-पिता से शेयर करें और पुलिस में मामला दर्ज कराएं।