बाराबंकी के हरख के निकट रोडवेज की अनुबंधित बस पर शुक्रवार को पेड़ गिरने से हुए हादसे के बाद बचाव कार्य के दौरान लगातार हो रही बारिश से काफी परेशानी हुई। सवा घंटे से अधिक समय तक की कड़ी मशक्कत के बाद बस पर गिरे पेड़ को काटकर हटाया जा सका।
इसके बाद ही बस में फंसे चालक समेत अन्य यात्रियों को बाहर निकाला जा सका। हादसे के बाद बस का इमजरेंसी व मेन गेट भी बंद हो जाने के कारण कई यात्रियों को जान बचाने के लिए खिड़की से कूद कर बाहर निकलना पड़ा।
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हरख गांव के पास गूलर का पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त अनुबंधित बस व उसमें बैठे घायल यात्री
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हादसा सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ। इसके बाद दोपहर 12 बजे जाकर चालक व चार महिलाओं को मरणासन्न हालात में बस से बाहर निकाला जा सका। जिन्हें जिला अस्पताल में परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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शव गृह के सामने रोते हुए फोन पर हादसे के बारे में अधिकारियों से बतातीं बीडीओ हरख प्रीति वर्मा
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मौके पर पहुंची पुलिस टीम क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गई थी। हादसे का शिकार बनी परिवहन निगम की इस अनुबंधित बस में 59 सवारियां थी।
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मृतका शिक्षा का फाइल फोटो
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बारिश से बचने के लिए बस में सवार हुए थे शिक्षक
बारिश के कारण बस में कई ऐसे शिक्षक व कर्मचारी भी सवार थे, जो सामान्य दिनों में बाइक से ड्यूटी पर जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि बारिश के कारण बस की गति ज्यादा तेज नहीं थी। अचानक गूलर का पुराना बड़ा पेड़ बस पर गिरने से लोगों को संभलने तक का कोई मौका नहीं मिला। पेड़ गिरने से बस के आगे का चालक के केबिन वाला हिस्सा पीछे की दो सीटों के साथ बिल्कुल चिपक गया। इस कारण आगे बैठे चालक समेत पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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हरख गांव के पास हुए हादसे के बाद घटना स्थल पर पहुंचे डीएम शशांक त्रिपाठी
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राज्यमंत्री ने परिजनों से मिलकर दी सांत्वना
घटना की सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही डीएम शशांक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, एएसपी रितेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया।