फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Baba Narayan Das Sthal is located at the river mouth; water has inundated 18 villages.

Barabanki News: बाबा नारायण दास स्थल नदी के मुहाने पर, 18 गांवों में भरा पानी

Wed, 09 Sep 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 09 Sep 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
Baba Narayan Das Sthal is located at the river mouth; water has inundated 18 villages.
सूरतगंज/बाराबंकी। नेपाल के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से करीब 49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बाढ़ से जिले के 31 गांव प्रभावित हैं। इनमें से 18 गांवों में बाढ़ का पानी भर चुका है। हेतमापुर में नदी ने धारा बदलने के बाद कटान तेज हो गया है। दूरभाष केंद्र, मंदिर और पांच मकानों को अपने आगोश में लेने के बाद नदी का पानी ऐतिहासिक बाबा नारायण दास के समाधि स्थल और मंदिर से महज 20 मीटर दूर है।
विज्ञापन

खतरे को देखते हुए ग्रामीण पूरी रात जागकर नदी के पानी की निगरानी को विवश हैं। प्रशासनिक अफसरों के अनुसार बाढ़ से रामनगर तहसील के सात, सिरौली गौसपुर के 11 और रामसनेहीघाट के 13 गांव सहित कुल 31 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हैं। हेतमापुर के पास दो दिन पहले अचानक बदली सरयू की धारा के कारण खेत, भवन और मंदिर नदी में समा चुके हैं । बीते 24 घंटे में पलटू, राजू, रामलोटन, पम्मू, कल्लू और अकील के मकान भी नदी में बह गए। वहीं रामू, श्यामू, रामराज, संतोष, उत्तम, शकील हलवाई, मुन्ना, अरमान और सलीम समेत कई ग्रामीण अपने मकान तोड़कर ईंट और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
विज्ञापन

बाढ़ खंड तीन दिन से कटान रोकने में जुटा है, लेकिन नदी का बहाव इतना तेज है कि किनारे पर डाली जा रही सामग्री भी पानी में बह जा रही है। बाढ़ से अब तक कुल आठ पक्के मकान और 13 झोपड़ियां पानी में डूब चुकी हैं। बाढ़ से करीब 29,174 की आबादी और 4745 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन सीधे तौर पर प्रभावित है। इसमें 1505 हेक्टेयर कृषि भूमि भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जमका का विद्यालय जलमग्न
नदी के उस पार बसे पूरनपुर, जमका, परशुरामपुर और फाजिलपुर गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं। पूरनपुर में सुरेश, रामजतन, रामानंद और राकेश ने अपने मकान खाली करना शुरू कर दिया है। जमका का प्राथमिक विद्यालय परिसर भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावित गांवों में अभी तक लंच पैकेट और राशन किट का वितरण नहीं किया गया है। कटान प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ खंड के अधिकारियों और कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed