पश्चिमी यूपी में विभिन्न स्थानों पर वैक्सीन की किल्लत भी विवाद की वजह बन रही है। उत्तर प्रदेश के बागपत में वैक्सीन की किल्लत ने एक युवक की जान ले ली। बागपत के रछाड़ गांव में टीकाकरण कैंप में पहले वैक्सीन लगवाने को लेकर हुआ विवाद बवाल में बदल गया।
वैक्सीन की किल्लत : दो सौ का होना था टीकाकरण, पहुंच गए चार सौ, कैंप में हुए विवाद ने ले ली युवक की जान
सोमवार को बागपत के रंछाड़ गांव में टीकाकरण के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिसको देखते हुए पुलिस को बुलाया गया था। दो पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाने के लिए पहुंचे थे, इन्हीं से हुआ विवाद और मामले में पुलिस की कार्रवाई अक्षय की जान ले गई।
बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व रंछाड़ गांव में कैंप लगाया गया था, लेकिन कैंप में वैक्सीन पर्याप्त न होने के कारण बहुत से लोग वैक्सीन लगवाने से वंचित रह गए थे। इसको देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर सोमवार को फिर कैंप लगवाया गया।
कैंप में मात्र 200 वैक्सीन ही भेजी गयी, जबकि वहां पर वैक्सीन लगवाने के लिए 400 से अधिक लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। रंछाड़ ही नहीं बड़ौत सीएचसी पर भी आए दिन लोगों के बीच पहले टीका लगवाने को लेकर विवाद होता है और वह विवाद हंगामा में तब्दील हो जाता है।
यही स्थिति छपरौली सीएचसी की है। तीन दिन पूर्व यहां पर भी छपरौली कस्बें के दो पक्षों में वैक्सीन कराने को लेकर विवाद हो गया था, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन की कमी का हवाला देते हुए भविष्य में सभी को वैक्सीन लगाने की बात कहते हुए मामला शांत करा दिया था।