बागपत जनपद में खेकड़ा के फखरपुर गांव में सोहनवीर व मोनिका के जिस परिवार में पांच दिन पहले तक बच्चे शौर्य के कारण घर के अंदर चहल-पहल और खुशी रहती थी। वहां अब हर कोई गम में डूबा हुआ है। बेटे के जाने के गम में शौर्य की मां मोनिका गुमसुम बैठी रहती है। वह अचानक ही रोने लगती है। उसका परिवार ही नहीं, बल्कि शौर्य के लिए पूरा गांव गम में डूबा हुआ है।
शौर्य का शव मिलने के बाद अधिकतर ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। गांव की गलियां में पहले की तरह चहल-पहल नहीं रहीं, क्योंकि अधिकतर शौर्य के घर पर मौजूद रहे। हर कोई शौर्य के हंसमुख होने की चर्चा करता रहा।
2 of 6
अंतिम संस्कार कराते लोग
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के फौजी सवेंद्र सिंह ने देश की सीमा की रक्षा में अपना बलिदान दिया था। ग्रामीण इन बलिदानों से अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। मगर रिश्ते के चाचा विनीत ने शौर्य की हत्या कर गांव को बदनाम कर दिया है।
3 of 6
शौर्य हत्याकांड, बागपत
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण अनिल डागर, सुनील कुमार, हरिओम, मोनू, मदनबीर सिंह, अरुण कुमार, मोहित कुमार, महेश तेवतिया, विरेंद्र सिंह आदि ने कहा कि शौर्य काफी हंसमुख था। स्कूल आते-जाते नमस्ते करना और पैर छूना उसकी आदत बनी हुई थी। सभी ग्रामीण उसे बहुत प्यार करते थे। बालक की हत्या के बाद से सभी ग्रामीण गम में डूबे हुए हैं और हत्यारोपियों को फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।
4 of 6
विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
स्कूल में शिक्षकों का चहेता था शौर्य
फखरपुर में जिस स्कूल में शौर्य पढ़ता था, वहां बुधवार को गम में अवकाश रखा गया था। प्रबंधक अनुज कुमार शर्मा ने बताया कि वह स्कूल का हंसमुख स्वभाव का बच्चा था। वह पढ़ाई में भी अच्छा था और इन कारणों से वह शिक्षकों का चहेता था। उन्होंने कहा कि स्कूल उसके परिवार के साथ है।
5 of 6
बच्चे के बारे में जानकारी देते परिजन।
- फोटो : amar ujala
विनीत की मां बोली, मेरे बेटे ने बुरा काम किया तो सजा जरूर मिले
आरोपी विनीत की मां पवन देवी ने कहा कि परिवार में विनीत और उनके अलावा कोई नहीं है। विनीत को जेल से छुड़वाने के लिए वह कुछ नहीं करेगी। उसने बुरा काम किया है तो उसके साथ भी बुरा होगा।