उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में बच्चों की मौत से तीन परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव में भी एक साथ तीन बच्चों की मौत होने से गमगीन माहौल बना हुआ है।
ऐसे हुआ था हादसा
बड़ौत थाना क्षेत्र में गांव बिहारीपुर-ट्यौढ़ी के जंगल में शुक्रवार को दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहां एक ईंट भट्ठे के समीप स्थित खेत में बने गड्ढे में भरे बारिश के पानी में नहाते समय एक बालक व दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। जिससे तीनों परिवारों में कोहराम मच गया। बागपत और बड़ौत पुलिस ने बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो परिजनों ने विरोध कर हंगामा कर दिया। आखिरकार पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव परिजनों को सौंप दिए।
बता दें कि ग्राम बिहारीपुर-ट्यौढ़ी के जंगल में सरूरपुर कलां निवासी नीरज नैन का एमबीएफ नाम से ईंट भट्ठा है। इससे कुछ दूर खेतों से ईंटों की पथाई के लिए मिट्टी उठाई गई थी। जिससे वहां गहरा गड्ढा बन गया। बीते दिनों हुई बारिश का पानी भी गड्ढे में भर गया।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।
- फोटो : amar ujala
ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे शुक्रवार दोपहर इस गड्ढे में नहाने के लिए कूद पड़े। उन्हें उसकी गहराई का अंदाजा नहीं था। जिससे तीनों बच्चे पानी में डूब गए। एक अन्य मजदूर के दिव्यांग पुत्र ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी।
इसके बाद काफी संख्या में मजदूर एकत्र होकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने तीनों बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला और बड़ौत के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इनमें अनिस उर्फ भूरा (9) पुत्र हरवीर निवासी गौरीपुर, सावन (15) पुत्र संजीव व मनु (14) पुत्र ओमवीर निवासीगण किरठल बताए हैं।
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घटना की जानकारी देता युवक।
- फोटो : amar ujala
हादसे की जानकारी पाकर एसडीएम बागपत अनुभव सिंह, सीओ बागपत अनुज मिश्रा और बड़ौत कोतवाली पुलिस ईंट भट्ठे पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की तो परिजनों ने विरोध किया। इसे लेकर हंगामा भी हुआ।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। इस बाबत सीओ अनुज मिश्रा का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। वे इसे दुर्घटना मान रहे हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है।