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मातम: घर का चूल्हा पड़ा ठंडा, भूख से तड़प रहे मासूम, सुनीं गलियां और लोगों के जेहन में सिर्फ एक सवाल...

Fri, 14 Apr 2023 11:01 AM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Fri, 14 Apr 2023 11:01 AM IST
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Baghpat Triple Murder Case: The stove is not lit in the house and the children are suffering from hunger
गमजदा परिजन। - फोटो : अमर उजाला

...आखिर इन बच्चों का क्या कसूर है, इनकी परवरिश अब कौन करेगा। इस तरह के तमाम सवाल शबगा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद ग्रामीणों के जेहन में है। हत्याकांड के दूसरे दिन भी गांव और परिवार में गमगीन माहौल रहा।



उधर, अपने भाइयों व बहन को याद कर सिरसली गांव की सरोज और उसके परिवार के लोगों का रोते हुए बुरा हाल है। घर का चूल्हा ठंडा पड़ा हुआ था। बच्चे भी भूख व प्यास से तड़प रहे थे और रोते-रोते सो जाते थे। आंख खुलने पर पूछते थे कि मम्मी कहां है। उधर, ग्रामीणों का कहना था कि शराब के नशे में युवक ने जो घटना की है, इससे पूरे गांव की बदनामी हो रही है। यह बात पीढ़ियों तक चलेगी।

Baghpat Triple Murder Case: The stove is not lit in the house and the children are suffering from hunger
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

बागपत के शबगा गांव में हत्याकांड के दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा हुआ था। रात्रि तकरीबन नौ बजे तीनों का अंतिम संस्कार यमुना घाट पर किया गया। भतीजे मनोज ने उन्हें मुखाग्नि दी। गुरुवार की सुबह ही उनकी अस्थियां यमुना में प्रवाहित की गईं। 

Baghpat Triple Murder Case: The stove is not lit in the house and the children are suffering from hunger
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

वहीं, इस हत्याकांड के बाद गांव की गलियां सूनी पड़ी थीं। ग्रामीणों के जेहन में बस यह सवाल था कि अब बच्चों की परवरिश कौन करेगा। इस घटना से पूरा परिवार खत्म हो गया।

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Baghpat Triple Murder Case: The stove is not lit in the house and the children are suffering from hunger
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

बच्चों क्या कसूर है कि उनके सिर से परवरिश का साया ही छिन लिया। गमगीन माहौल में दूसरे दिन भी चूल्हा ठंडा पड़ा रहा। घर में मौजूद आरोपी की बुआ सरोज, बेटी अंजु के अलावा चार मासूम बच्चों में पांच वर्षीय कोमल, चार वर्षीय परी, तीन वर्षीय अमर व दो वर्षीय अंशु भूख-प्यास से तड़प रहे थे।

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Baghpat Triple Murder Case: The stove is not lit in the house and the children are suffering from hunger
गमजदा परिजन। - फोटो : अमर उजाला

बताया गया कि कोमल गांव के ही मंगलम शिक्षा निकेतन में नर्सरी में पढ़ती है। सरोज अपने भाइयों व बहन की हत्या को याद कर बार-बार रो रही थी। उधर, बच्चे भी रोकर सो जाते, उठने पर मम्मी कहा है पूछते। बुआ की बेटी अंजु बच्चों को किसी तरह चुप करने का प्रयास करती और खुद रोने लगती।

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