बागपत जनपद में बड़ौत के बाछौड़ गांव के रहने वाले महक सिंह के परिवार में तीन दिन पहले तक खूब खुशियां थीं। वह मेहनत-मजदूरी करके थका हारा घर पहुंचता था। बेटे व बेटियों के खिले चेहरे देखकर सारी थकान मिट जाती थी। लेकिन, परिवार को ऐसी नजर लगी कि सारी खुशियां मातम में बदल गईं।
PHOTOS: मातम में बदली परिवार की खुशियां, रुक-रुककर उठती रहीं सिसकियां, परिजनों का हाल देख हर किसी की आंखों से छलके आंसू
महक सिंह ने गमगीन माहौल में बुधवार की देर शाम एक बेटी स्वाति का अंतिम संस्कार किया। उस बेटी की मौत का गम भूल पाता कि उसकी पत्नी गीता उर्फ अनुराधा व दूसरी बेटी प्रीति की मौत की खबर मिल गई। दोनों के शव गुरुवार की शाम सवा चार बजे गांव में पहुंचे तो पूरे गांव में मातम छा गया। पूरा गांव गम में डूब गया। रुक-रुककर सिसकियां उठती रहीं। मातम का ऐसा हाल था कि गांव में चूल्हे तक नहीं जले।
मां व बहनों की मौत के बाद भी नहीं आया युवक
जिस युवक प्रिंस के युवती को लेकर फरार होने के बाद परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा और पुलिस के उत्पीड़न के बाद मां और दो बहनों की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई, वह गुरुवार को भी गांव नहीं पहुंचा। हर किसी को लग रहा था कि मां और दो बहनों की मौत की खबर उसे मिल गई होगी और वह लौट आएगा, लेकिन वह नहीं आया। लोगों ने बताया कि युवक व युवती को लेकर मार्च में भी विवाद हुआ था। तब भी प्रिंस को शांतिभंग में जेल भेज दिया था।
भारी पुलिस बल रहा गांव में मौजूद
महिला व उसकी बेटी का शव पहुंचने से पहले ही बाछौड़ गांव में कई थानों की पुलिस और पीएसी को लगाया गया था। एसडीएम सुभाष सिंह व सीओ बड़ौत युवराज सिंह भी पहले से मौजूद रहकर लोगों को समझाने में जुटे थे। लेकिन, शव पहुंचने पर लोगों ने हंगामा कर दिया।
छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने महिला व दो बेटियों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि यह काफी दुख:द घटना है। इस मामले में जितने भी दोषी है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए। विधायक ने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे।