उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंदुरी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का किसान जबर्दस्त विरोध कर रहे हैं। जिला मुख्यायलय से करीब 19 किमी दूर सगड़ी तहसील के जमुआ हरिरामपुर गांव में बीते 28 दिन से धरना-प्रदर्शन जारी है। इसमें बड़ी भागीदारी महिलाओं की है। किसानों का यह आंदोलन अब चर्चा में आ गया है। उनके आंदोलन को धार देने के लिए मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर पहुंचीं तो बुधवार को किसान नेता राकेश टिकैत। दोनों ने कहा कि सरकार पुलिस के दम पर जमीन का अधिग्रहण करना चाहती है।
सरकार ने अपने कदम वापस नहीं लिए तो आंदोलन की धार तेज होगी। जिला प्रशासन जमीन अधिग्रहण का मसौदा तैयार कर रहा है, पर किसानों की जमीन जबरदस्ती नहीं लेने दी जाएगी। यदि यहां पर एयरपोर्ट बनता है तो यहां के किसान कहां जाएंगे। कहा कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट की जरूरत नहीं है बल्कि किसानों के लिए मंडियां स्थापित करने, शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र खोलने पर ध्यान देना चाहिए।
2 of 5
आजमगढ़ में मंदुरी एयरपोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया।
दरअसल, मंदुरी हवाई अड्डे को विस्तारित कर इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की कवायद सरकार की ओर से शुरू की गई है। इस योजना के तहत सात गांवों के किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन सर्वे करने में जुटा हुआ था, हालांकि इस दौरान उसे ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। लेकिन प्रशासन ने सर्वे का कार्य पूरा कर लिया
3 of 5
मंदुरी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
इसी सर्वे को लेकर मंदुरी एयरपोर्ट के आसपास के गांवों में हंगामा मचा है। अपनी जमीन छिन जाने की आशंका में वो खौफजदा हैं और उनकी रातों की नींद गायब है। किसानों ने कहा कि ये सरकार किसानों को बेघर करना चाह रही है लेकिन हम अपनी जमीन को देने वाले नहीं हैं। आरोप लगाया कि सरकार व अधिकारी बिना किसानों से पूछे और बिना पंचायत के ही किसानों की जमीन को अधिग्रहण करने जा रहे हैं।
4 of 5
आजमगढ़ में किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को आंदोलन स्थल पर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान प्रशासन के किसी बहकावे में न आएं। उनके आंदोलन के आगे सरकार झुकेगी। उन्होंने कहा कि हम तो बस साथ देंगे, आंदोलन को धार तो यहीं के लोग देंगे। उन्होंने कहा कि मंदुरी एयरपोर्ट के नाम पर सर्वे की जानकारी काफी दिनों से मिल रही है। जिला प्रशासन जमीन अधिग्रहण का मसौदा तैयार कर रहा है, पर किसानों की जमीन जबरदस्ती नहीं लेने दी जाएगी।
5 of 5
मंदुरी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : सोशल मीडिया।
वहीं मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून का पालन नहीं कर रहा है। जिसमें भूमि अधिग्रहण के लिए 80 प्रतिशत किसानों की सहमति जरूरी है। अंग्रेजी शासन काल में भी 1894 के बनाए गए कानून का पालन किया जाता था, लेकिन प्रदेश सरकार ने अंग्रेजों को भी फेल कर दिया है। पुलिस के दम पर सरकार जमीन अधिग्रहण करना चाहती है जो गलत है।