कार्तिक पूर्णिमा पर लगा तिगरी मेला आस्था के साथ ही विभिन्न संस्कृतियों का भी संगम है। मेले में कहीं साधु संत भक्तिभाव में लीन हैं, तो किसी स्थान पर भंडारा चल रहा है। सभी खुले आसमान के नीचे पुण्य कमाने के लिए पतित पावनी की गोद में डेरा डाले हुए हैं। मेले को यादगार बनाने के लिए भव्य सांस्कृतिक मंच बनाया है। जिसमें एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने का प्रबंध किया गया है, जहां चार दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम ही प्रस्तुत किए जाएंगे।
Tigri Mela: आस्था, उमंग और उल्लास.. दिख रहे संस्कृति के भी विभिन्न रंग, रंगबिरंगी लाइटों से धरती पर उतरा आसमान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: विमल शर्मा
Updated Tue, 12 Nov 2024 01:21 PM IST
सार
Amroha Tigri Mela 2024: कार्तिक पूर्णिमा पर शुरू हुए तिगरी मेले में आस्था और संस्कृति का संगम देखने को मिला। सांस्कृतिक मंच पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने गणेश वंदना, दुर्गा स्तुति, हनुमान चालीसा और गंगा अवतरण की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इस पर मौजूद जनप्रतिनिधि, अधिकारी, दर्शकों ने उनका जमकर उत्साहवर्धन किया।
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