सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को विधानसभा में पेश बजट को योगी सरकार का आखिरी बजट बताया। महंगाई, किसान आंदोलन समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर हमलावर अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार बनाने की फिर कोशिश करेगी लेकिन जनता दोबारा बजट पेश करने का मौका नहीं देगी। सपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव के वक्त भाजपा के कई नेता सपा में शामिल हो जाएंगे।
चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा के कई नेता होंगे सपा में : अखिलेश यादव
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अखिलेश यादव यहां सपा नेता सलीम शेरवानी के आमंत्रण पर आए थे। इसी क्रम में एक सभा में ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों को पार्टी में शामिल करने के साथ अखिलेश ने कहा कि सपा से सभी वर्ग के लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। सभी दल के लोग सपा में शामिल हो रहे हैं। चुनाव नजदीक आने के साथ सत्ताधारी दल के नेता भी शामिल होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है। इससे मुक्ति के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार बनानी होगी। पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं।
सरकार कहती है कि हमारा इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। भाव कंपनी तय करती है। सरकार की इस टिप्पणी को आधार बनाते हुए उन्होंने तीन कृषि कानूनाें का भी विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘हम भी तो यही कह रहे हैं कि किसानों और खेती को कंपनी के हवाले मत करो। कंपनी वाले अनाज का भी भाव तय करने लगेंगे तो क्या हालात होंगे, इसका अनुमान पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से लगाया जा सकता है।’ कहा कि यह पूंजीपतियों की सरकार है। किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता है लेकिन उद्योगपतियों की ओर से बासमती चावल का विज्ञापन निकाला जाने लगा है। केंद्र और राज्य दोनों सरकारें सरकारी उपक्रम बेचने में लगी हैं।
इस दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, श्यामा चरण गुप्त, धर्मराज पटेल, विजमा यादव, सईद अहमद, जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष सै.इफ्तेखार हुसैन, एमएलसी डॉ.मान सिंह यादव, निधि यादव, पूजा पाल, अभिषेक यादव आदि नेता मौजूद रहे। प्रयागराज आगमन पर सपा नेता का बमरौली एयरपोर्ट से सिविल लाइंस के बीच जगह-जगह स्वागत हुआ।