{"_id":"5e372a5e8ebc3e4b1d52d7b4","slug":"vc-of-hp-university-said-there-is-no-fundamental-difference-between-capitalism-and-socialism","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश विवि के कुलपति बोले, पूंजीवाद और समाजवाद में नहीं है आधारभूत अंतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश विवि के कुलपति बोले, पूंजीवाद और समाजवाद में नहीं है आधारभूत अंतर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 03 Feb 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
1 of 2
prayagraj news
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने रविवार को कहा कि पूंजीवाद और समाजवाद में कोई भी आधारभूत अंतर नहीं है। दोनों ही विचारधारा भौतिक वस्तुओं को मानव के सुख का मूल आधार मानती हैं। प्रो. अग्निहोत्री ने यह बातें अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्म शताब्दी व्याख्यान माला ‘वैज्ञानिक समाजवाद-एक अवैज्ञानिक अवधारणा’ में कही।
हाशिमपुर रोड स्थित महावीर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. अग्निहोत्री ने कहा मार्क्स के अनुसार उत्पादन के साधन सर्वहारा समाज के हाथ में आने पर राज्य का समापन हो जाएगा और उत्पादन के साधन राज्य में निहित होंगे। ऐसे में सभी बराबर श्रम करेंगे और पर्याप्त उत्पादन होने के साथ समान वितरण होगा। इससे खुशहाली आएगी और सभी की खुशहाली के साथ राज्य की कोई आवश्यकता ही नहीं रह जाएगी। लेकिन उसमें मानवीय मनोविज्ञान का अभाव होने के कारण वैज्ञानिक समाजवाद अर्थात कार्ल मार्क्स के सिद्धांत असफल साबित हुए। प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि समाजवाद में समाजवादी नेताओं ने हमेशा उन चीजों को व्यक्ति की खुशी का आधार माना है जो कि पूर्णतया भौतिक वस्तुएं हैं। यहां यह महत्वपूर्ण है कि जिसके लिए निर्णय लिया जा रहा है उसकी इच्छा को कोई महत्व ही नहीं दिया जाता है।
2 of 2
prayagraj news
- फोटो : प्रयागराज
जबकि प्रत्येक व्यक्ति की खुशियां अलग-अलग और विभिन्न चीजों पर आधारित होती है। सभी व्यक्तियों का सुख अलग होता है । इस बात का कार्ल मार्क्स के चिंतन में सर्वथा अभाव दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पूंजीवाद और समाजवाद का प्रयोग अपनी अपनी कमियों के चलते असफल साबित हो चुका है। ऐसे में दुनिया भारत से तीसरा विकल्प पाने को आतुर है। एकात्म मानववाद दुनिया को एक नई दिशा दे सकता है, क्योंकि इसमें मनुष्य के जीवन के सभी पहलुओं का चिंतन किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अपर महान्यायवादी अशोक मेहता ने एवं संचालन डा. चंद्र प्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर वीरबहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कुलपति डा. राजाराम यादव, लालता प्रसाद तिवारी, अनिल पाण्डेय, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, अजीत चौहान, अभिषेक सिंह, अजीत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।