प्रयागराज के मेजा के नीबी कुकुरकटवा गांव में सोमवार रात हुई वारदात से पूरा इलाका दहला है। रात में करीब 20 मिनट तक चीख-पुकार गूंजती रही। घर गांव के एक छोर पर सन्नाटे में होने की वजह से किसी को उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई नहीं दी। कहीं से मदद न मिलने पर श्यामलाल गुप्ता, अमरावती और इंद्रावती देवी की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।
आरोपी हिमांशु यादव, राजन यादव और निहाल गौतम ने पूछताछ में खुलासा किया कि रात करीब 10:15 बजे उन्होंने श्यामलाल को फोन किया था। पूछा कि दुकान खुली है कि नहीं। उसे नमकीन का पैकेट लेना है। दुकान खुली होने पर हिमांशु रात 10:30 बजे निहाल और राजन के साथ उनके घर पहुंचा।
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मौके पर जांच करते पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुकान पर पहुंचते ही भतीजी प्रिया से शादी कराने की बात कही। इस पर हिमांशु और श्यामलाल के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि तीनों ने खूंटे से श्यामलाल को पीटना शुरू कर दिया। इतना मारा कि वह खून से लथपथ होकर बेसुध हो गए। चीखें सुनकर अमरावती भी आ गईं। उन्होंने शोर मचाया तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया। वह भी खून से लथपथ हो गई।
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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच इंद्रावती देवी बाहर निकलीं तो तीनों आरोपियों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। सिर पर कई वारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस जांच में घर के अहाते से लेकर बाहर तक संघर्ष के निशान मिले। रात 10:30 से 10:50 बजे के बीच हुई वारदात में तीनों की जान चली गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, हमलावर वहां से निकल चुके थे।
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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वारदात के बाद अपने ही घरों में छिपे
पुलिस से बचने के लिए आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सके। पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद राजन यादव और निहाल गौतम अपने ही घरों में छिपे रहे। मुख्य आरोपी हिमांशु यादव गांव छोड़कर रिश्तेदार के घर चला गया था। बाद में वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।
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काम-धंधा नहीं करते तीनों आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हिमांशु यादव, राजन यादव और निहाल गौतम कोई नियमित काम नहीं करते थे। निहाल और राजन के पास मोबाइल फोन नहीं था। हिमांशु ने वारदात के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। पुलिस को उसकी तलाश में मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की जांच की गई।