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बारिश ने धोए माघ मेला के इंतजाम, कल्पवासियों की मुसीबत

Sat, 18 Jan 2020 12:31 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 18 Jan 2020 12:31 AM IST
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The rain washed away the arrangements of the Magh Mela, the trouble of the Kalpavis
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

बारिश ने शुक्रवार को संगम तट पर जप तप ध्यान में जुटे लाखों कल्पवासियों, संतों और भक्तों की मुसीबतें बढ़ा दीं। शिविरों में जगह-जगह फिर पानी आ गया। गाटा मार्गों से लेकर चकर्ड प्लेटें तक कीचड़ से सराबोर हो गईं। इससे फिसल पैदा हो गई और दिन भर बाइक सवार व पैदल राहगीर फिसलकर गिरते रहे। बालू पाटकर सुखाए जा रहे दलदल फिर जस के तस हो गए। इसी के साथ कल्पवासी शिविरों में सत्संग-भजन की सुरक्षित ठांव बनाने के लिए बालू की हर तरफ मांग बढ़ गई है, लेकिन मेला प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है।

The rain washed away the arrangements of the Magh Mela, the trouble of the Kalpavis
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

त्रिवेणी मार्ग से गे अपर संगम मार्ग की दोनों पटरियों पर बसे कल्पवासी शिविरों में सुबह बारिश के दौरान पानी आ गया। यहां पहले से ही जमीन दलदल होने की वजह से चूल्हा रखने को लेकर दिक्कतें थीं। अब मुसीबतें और बढ़ गईं। लगातार सातवीं बार कल्पवास के लिए आईं बहरिया की उर्मिला मिश्रा ने बताया कि बारिश से हुई अव्यवस्था के चलते शिविरों में दिन-रात काटना मुश्किल हो गया है।  यहां दो सौ से अधिक शिविर लगे हुए हैं। सेक्टर-तीन त्रिवेणी मार्ग पर अयोध्या के लवकुश मंदिर शिविर में दो दर्जन से अधिक कल्पवासी शिविरों में भी यही हाल रहा। लोग सामान भीगने से बचाने के लिए मशक्कत करते रहे। रामनान झंडा निशान वाले तीर्थपुरोहित दिनकर पांडेय ने बताया कि दो दर्जन से अधिक कल्पवासी शिविर छोड़कर चले गए हैं।

The rain washed away the arrangements of the Magh Mela, the trouble of the Kalpavis
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
दलदल जमीनों को पाटना मुश्किल हो गया है। बालू-रेत मिल नहीं रही है। उन्होंने मेला प्रशासन पर तीर्थपुरोहितों-कल्पवासियों की समस्या के निस्तारण में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। इसी तरह सेक्टर पांच स्थित आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा के संतों के शिविरों से लेकर चकर्ड प्लेट मार्र्गों तक पानी व कीचड़ फैलने से दिन भर संत-भक्त परेशान होते रहे। कहा जा रहा है कि मेला प्रशासन की ओर से पर्याप्त बालू नहीं मुहैया कराई गई तो कल्पवासियों, संतों की बढ़ी परेशानी बढ़ सकती है।

त्रिवेणी पांटून पुल पर यातायात ठप, मरम्मत शुरू
प्रयागराज। टीला उभरने से हादसों की आशंका पर बृहस्पतिवार को त्रिवेणी पांटून पुल खोल दिया गया। इसी के साथ त्रिवेणी पुल से यातायात ठप कर दिया गया है। इस दिन हजारों संतों-भक्तों को इस पुल से वापस होना पड़ा। चार नंबर पांटून पुल गंगोली शिवाला से ही श्रद्धालुओं की मेले से वापसी हो सकी।
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