Prayagraj Murder Case: शवों की हालत बयां कर रही थी दरिंदगी की दास्तां, दहल गए ग्रामीण
सुबह जैसे ही घटना की खबर फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने देखा कि खेत के पास बिछी चारपाई पर नंदलाल मृत पड़े थे, जिनका गला धारदार हथियार से रेता गया था। गला रेते जाने की वजह से उनके सिर के आसपास काफी खून बहा था। उधर, दरवाजे के पास सो रही छबीली को बाएं कान के नीचे गला रेतकर मारा गया था और उसका पूरा चेहरा खून से सना था। जिस बिस्तर पर वह सो रही थी, वह भी खून से भीगा हुआ था और काफी खून चारपाई के नीचे भी बिखरा था।
कमरे में चारपाई पर मृत मिली किशोरी राजदुलारी के भी गले पर बाईं ओर धारदार हथियार से रेते जाने का निशाना था, साथ ही उसके बाएं गाल पर भी वार किया गया था। उसके नाक से भी खून निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों शवों की हालत देख ग्रामीणों के कलेेजे दहल उठे। उधर बेटे रामबहादुर समेत अन्य परिजन तो बदहवास से हो गए थे। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने शवों की हालत देखी तो वह भी स्तब्ध रह गए।
हाईवे तक जाकर लौटा खोजी कुत्ता
सूचना मिलने के आधे घंटे बाद मौके पर डॉग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। खोजी कुत्ता काफी देर तक घर में ही घूमने के बाद बाहर निकलकर 500 मीटर पर स्थित हाईवे पर गया। लेकिन फिर वापस चला आया। इससे यह भी आशंका रही कि वारदात के बाद हत्यारे हाईवे से होकर भाग निकले हों। फोरेंसिक टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट व अन्य नमूने लिए।
गर्दन रेतने से पहले घोटा गया था किशोरी का गला
पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि दंपति की हत्या तो गला रेतकर की गई लेकिन गला रेते जाने से पहले हत्यारों ने किशोरी का गला भी घोटा था। हत्यारों ने पहले उसे गला घोटकर मौत के घाट उतारा और फिर उसका गला रेत दिया। भाई ने पुलिस को दी गई तहरीर में दुष्कर्म की भी आशंका जताई थी। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया। पोस्टमार्टम के दौरान भी यह स्पष्ट नहीं हो सका। जिसके बाद जांच के लिए नमूना भेजा गया है।