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सोरांव सामूहिक हत्याकांडः एक साथ उठीं पांच अर्थियां, कांप गए लोगों के कलेजे

Mon, 06 Jan 2020 11:20 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 Jan 2020 11:20 PM IST
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Soraon mass murder case: Five economies arise together, the hearts of people shivering
soraon murder case - फोटो : प्रयागराज

सोरांव में मारे गए एक ही परिवार के पांच लोगों के शवों का अंतिम संस्कार सोमवार को हुआ। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस से लेकर श्मशान घाट तक कोहराम मचा रहा। मर्चरी से एक साथ पांच अर्थियां उठीं तो परिवारवालों के ही नहीं बल्कि वहां मौजूद अन्य लोगों के भी कलेजे कांप गए। उधर सूरत से आया मोनू अपनों की लाशें देखकर फूट-फूटकर रोता रहा। 

Soraon mass murder case: Five economies arise together, the hearts of people shivering
soraon murder case - फोटो : प्रयागराज

बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ने रात में ही पांचों शवों का अंतिम संस्कार करा दिया था। हालांकि रात होने के कारण परिजनों ने शव सुबह लेने की बात कही। सुबह 11.30 बजे के करीब मृतक विजयशंकर के परिवार का एकमात्र जीवित बचा सदस्य मोनू सूरत से मर्चरी पहुंचा। लिखापढ़ी के बाद करीब एक बजे जैसे ही पुलिस ने उसे व अन्य परिजनों को पांचों शव सुपुर्दगी में दिए, वह फूट-फूटकर रोने लगा। अपनों की लाशें देखकर वह बिलख-बिलखकर रोया। इस दौरान अन्य परिजनों की भी आंखें नम हो गईं। परिजनों की योजना पहले शव लेकर गांव जाने की थी लेकिन बड़े बुजुर्गों के समझाने पर उन्होंने निर्णय बदल दिया।

Soraon mass murder case: Five economies arise together, the hearts of people shivering
soraon murder case - फोटो : प्रयागराज

दरअसल परिवार के बुजुर्गों का कहना था कि गांव में शव लेकर जाने पर स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। ऐसे में अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद एक साथ उठीं पांच अर्थियाें को देख लोगों के कलेजे कांप गए। करीब दो बजे मोनू व अन्य परिजन पांचों शव लेकर रसूलाबाद घाट पर पहुंचे। यहां दोनों मासूमों के शवों को फाफामऊ कछार में गंगा के बीच बने टापू पर दफनाया गया। जबकि विजयशंकर, सोनू व कामिनी के शवों का दाह संस्कार किया गया। शवों को मुखाग्नि मोनू ने दी। इस दौरान भी उसकी आंखों से आंसू लगातार बहते रहे। घाट पर मृतक कामिनी के भाई कार्तिकेय, पिता सुधाकर समेत मायकेपक्ष के अन्य लोग भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में विजयशंकर के परिवार के भी लोग पहुंचे थे। 

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Soraon mass murder case: Five economies arise together, the hearts of people shivering
soraon murder case - फोटो : प्रयागराज
छावनी में तब्दील रही मर्चरी, श्मशान घाट

उधर तनाव को देखते हुए मर्चरी व रसूलाबाद घाट छावनी में तब्दील रहे। सुबह ही पोस्टमार्टम हाउस पर कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई थी। यहां एसपी सिटी के साथ ही एडीएम सिटी भी मौजूद रहकर परिजनों को ढ़ाढस बंधाते रहे। उधर शव लाए जाने से पहले ही रसूलाबाद घाट पर भी कड़े सुरक्षा प्रबंध कर दिए गए थे। यहां शिवकुटी, दारागंज समेत अन्य थानों की फोर्स तैनात की गई थी। इसके साथ ही पीएसी व आरएएफ के जवानों को भी मुस्तैद किया गया था। 
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soraon murder case - फोटो : प्रयागराज

पहले भी हुआ था विवाद, किया गया था जानलेवा हमला

सोरांव में एक परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में नामजद किए गए आरोपियों से पीड़ित परिवार की अदावत लंबे समय से चली आ रही है। सोमवार को सूरत से आए भाई मोनू ने बताया कि नामजद सच्चिदानंद समेत दो अन्य आरोपियों ने उस पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें उसे गंभीर चोट आई थी लेकिन पुलिस ने मारपीट का ही केस दर्ज किया था। 

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