अमनपसंद शहरियों ने शुक्रवार को तमाम अफवाहों,आशंकाओं के मुंह पर करारा तमाचा जड़ा। जुमे की नमाज के पहले ही नहीं बाद में भी सब खैरियत रही। जामा मस्जिद, चौक, शिया जामा मस्जिद चक और रोशनबाग स्थित जामा मस्जिद वसीउल्लाह सहित शहर की तमाम मस्जिदों में हर जुमे की तरह ही अजान के बाद खुत्बा और नमाज तथा अंत में दुआएं हुईं। नमाज खत्म होने पर लोग बारगाहे इलाही से निकलकर अमन का पैगाम लेकर अपने-अपने घरों की ओर रुखसत हुए। न अफवाहें, न अपील और न ही किसी तरह की अड्डेबाजी।
अफवाहों के मुंह पर तमाचा, बाकी सब खैरियत
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बीते जुमे की नमाज से सबक लेते हुए प्रशासन की ओर से सड़क, चौराहों से इतर मस्जिदों के पास बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की थी ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। हर जुमे को आने वाले. इस दफे भी बारी-बारी से आते और रुखसत होते रहे। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने करेलाबाग स्थित मस्जिदे फातिमा से कहा कि प्रशासन की इजाजत के बगैर कोई जुलूस कतई न निकालें। विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही हो। किसी तरह के बवाल और टकराव से बचें।
जामा मस्जिद चौक में पूर्व शहर काजी कारी मकबूल अहमद हबीबी की सरपरस्ती में नायब शहर काजी और पेश इमाम मौलाना रईस अख्तर ने कहा, हुकूमत जुल्म, ज्यादती में मसरूफ है, ऐसे में अल्लाह, जुल्म और फसाद से बचा। बेशक, अपने बंदों की हिफाजत करने वाला सिर्फ तू ही है। मस्जिद वसीउल्लाह से पेश इमाम अहमद मतीन ने कहा, या खुदा, किसी भी तरह की जुल्म, ज्यादती बंद हो, हमें अमन, इंसाफ और सलामती अता फरमा।
शिया जामा मस्जिद चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना हसन रजा ने सरकार से सीएए और एनआरसी को वापस लेने की मांग की। कहा, ये कानून संविधान के खिलाफ हैं, लिहाजा हम ऐसा कोई कानून मंजूर नहीं करेंगे। पूरे भारत में आग लगी हुई है और बेचैनी है। यह हिंदू, मुसलमानों नहीं बल्कि तमाम भारतीयों का मामला है, सो सरकार से गुजारिश है कि वह इसे जल्द से जल्द वापस ले ताकि मुल्क से अमन का माहौल बना रहे। संविधान से छोड़छाड़ न हो, जो कोई भी कानून बने, वह संविधान के भीतर ही हो। मुल्क में तरक्की, खुशहाली संग अमन-चैन कायम रहने की दुआ भी मांगी गई।
मस्जिदों के बाहर बंटवाए गए पर्चे, मुस्तैद रही फोर्स
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पिछले दिनों हुए प्रदर्शन को देखते हुए जुमा पर पुलिस प्रशासन बेहद अलर्ट रहा। शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस के साथ ही सीआरपीएफ, आरआरएफ, आरएएफ व पीएसी तैनात रही। उधर सीएए के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस ने मस्जिदों के बाहर पर्चे भी बंटवाए।