दृश्य - 1 सुबह के करीब 11 बजे। राणा प्रताप मार्ग से गुजर रही सिटी बस पूरी तरफ से भरी हुई है। उसी दौरान लखनऊ से आने वाली बस भी वहां से गुजरती है और उसमें हर सीट पर सवारी है। इनमें से कई ने मास्क भी लगा रखा है लेकिन सीट पर उनके बीच कोई फासला नहीं है।
सड़कों पर सन्नाटा लेकिन कार्यालयों में कतार से खतरा बरकरार
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दृश्य - 2 सुबह करीब 10.45 बजे। बेली बिजली उपकेंद्र के कैश काउंटर पर बिल जमा करने के लिए लंबी कतार लगी है। दो कदम की दूरी पर बेली से जगराम चौराहा को जोड़ने वाली सड़क है। इसलिए कोरोना वायरस से खौफजदा होने के बावजूद लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े रहने के लिए मजबूर हैं।
दृश्य - 3 दिन में करीब एक बजे। एसबीआई की मुख्य शाखा परिसर।
मुख्य भवन के गेट पर एक कंटेनर में एल्कोहल मिश्रित पानी रखा है। लोगों को वहां से हाथ सेनेटाइज करने के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। इसे सुनिश्चित करने के लिए दो गार्ड की ड्यूटी भी लगी है। भीतर ज्यादातर कर्मचारियों के चेहरे पर मास्क लगा है। उनके पास सेनेटाइजर भी रखा है।
अलग-अलग काउंटर के सामने 50 से अधिक ग्राहक कतार में खड़े हैं लेकिन उनके बीच में एक मीटर की दूरी तो दूर वे एक-दूसरे से टच करते हुए खड़े हैं। परिसर में ही विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्र है। वहां ग्राहकों की संख्या तो कम है लेकिन दो दिन पहले तक सेनेटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्था नहीं होने को लेकर कर्मचारियों में चर्चा तथा नाराजगी रही। एक कर्मचारी की तबीयत खराब होने की भी चर्चा रही।
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों के बीच शहरियों की तरफ से भी एहतियात बरते जा रहे हैं तथा बृहस्पतिवार को सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा लेकिन बैंकों, सार्वजनिक वाहनों, सरकारी कार्यालयों में अब भी भीड़ बनी हुई है। इससे बीमारी के फैलने की आशंका बनी हुई है। ऐसे स्थानाें पर सेनेटाइजेशन के तो दावे किए किए जा रहे हैं लेकिन जगह-जगह से एकत्रित हुए लोगों के बीच एक मीटर का फासला तो एक-दूसरे से टच होने से भी खुद को नहीं बचा पा रहे।
एसबीआई ही नहीं पीएनबी, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों की शाखाओं में भी ग्राहकों की कतार लगी रही। ज्यादातर शाखाओं में बुधवार को सेनेटाइजर, मास्क आदि उपलब्ध कराए गए। इससे कर्मचारियों में राहत है लेकिन परिसर की नियमित सफाई नहीं होने से उनमें नाराजगी भी रही। कर्मचारियों का कहना था कि बैंक में हर तरह के लोग आते हैं।
इसे ध्यान में रखकर आरबीआई की भी गाइडलाइन है कि हर दो से तीन घंटे में परिसर को सेनेटाइज किया जाए लेकिन सिर्फ सुबह सफाई होती है। यही स्थिति ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में भी रही। ज्यादातर गतिविधियां ठप होने के बावजूद कलक्ट्रेट, विकास भवन, नगर निगम, रजिस्ट्री ऑफिस आदि परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही तथा कई जगहों पर लोग झुंड बनाकर खड़े रहे।