कोरोना वायरस के संक्रमण से फैलने वाली महामारी से बचने के लिए बृहस्पतिवार को गिरजाघरों में प्रार्थना सभाएं करने पर भी रोक लगा दी गई। रोमन कैथोलिक डायोसिस के इलाहाबाद धर्म प्रांत के विशप राफी मंजली ने चर्चों में प्रार्थना के लिए सामूहिक रूप से न इकट्ठा होने का निर्देश जारी किया है।
गिरजाघरों में प्रभु यीशु की प्रार्थना सभाओं पर लगी रोक, बिशप ने लोगों से इकट्ठा न होने की अपील की
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कोरोना के डर ने उपासना स्थलों पर भीड़ का हिस्सा बनने से परहेज के लिए मजबूर कर दिया है। इसी क्रम में गिरजाघरों में सुबह-शाम होने वाली प्रभु यीशु की प्रार्थनाएं भी 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गईं। रोमन कैथोलिक डायोसिस चर्च के इलाहाबाद धर्मप्रांत के विशप राफी मंजली ने सभी कैथलिक चर्चों में प्रार्थना पर रोक लगा दी है।
इस आशय का का आदेश उन्होंने दोपहर बाद जारी किया। इसी के साथ पूरे धर्म प्रांत के जिलों की चर्चों में प्रार्थनाएं बंद कर दी गईं। अब प्रभु यीशु के अनुयायी निर्धारित तिथि तक प्रार्थना घरों से ही करेंगे। इसी तरह लखनऊ डायोसेशन से जुड़े पत्थर गिरजाघर समेत सभी गिरजाघरों में भी प्रार्थनाएं बंद कर दी गई हैं।
मस्जिदों में नमाजियों से एहतियात बरतने की अपील
मस्जिदों में नमाज के दौरान एतहियात बरतने की भी अपील शुरू कर दी गई है। शहर-ए-काजी शफीक अहमद शरीफी ने बृहस्पतिवार को कहा कि नमाजी चिकित्सकों व विशेषज्ञों की सलाह का संजीदगी से पालन करें।
उन्होंने अनावश्यक भीड़भाड़ से भी बचने की सलाह दी। साथ ही कहा कि हाथ धोने के साथ ही घरों की भी सफाई लगातार की जाए, ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके। शहर-ए-काजी ने कहा कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों में भीड़ होना स्वाभाविक है। जुमे की नमाज घर से अदा नहीं कराई जा सकती। ऐसे में नमाजी दूरी बनाकर ही नमाज अदा करें।