इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. मो. शाहिद समेत सभी 30 जमातियों को गुरूवार की देर शाम नैनी सेंट्रल जेल से गौहनिया स्थित ग्रीन फील्ड एकेडमी में बनी अस्थाई जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इनमें 16 विदेशी भी शामिल हैं।
अस्थाई जेल गौहनिया में शिफ्ट किए गए इविवि प्रोफेसर समेत 30 जमाती
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गुरूवार को एडीजी जोन, आईजी रेंज, एसपी यमुनापार ने अस्थाई जेल में तब्दील किए गए विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उसके बाद वहां सुरक्षा को और मजबूत किया गया। शाम करीब साढ़े सात बजे सभी को नैनी सेंट्रल जेल से गौहनिया स्थित अस्थाई जेल शिफ्ट कर दिया गया। सीओ करछना आशुतोष तिवारी ने बताया कि पांच एंबूलेंस से सभी जमातियो को अस्थाई जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
तीन शिफ्ट में लगेगी ड्यूटी
अस्थाई जेल में सुरक्षा का तगड़ा इंतजाम किया गया है। यहां पर पुलिस की तरफ से स्थानीय थाने के अलावा दो दारोगा, चार हेड कांस्टेबिल, 24 कांस्टेबिल, एक दर्जन होमगार्ड के अलावा जेल से एक जेलर, एक डिप्टी जेलर, तीन हेड वार्डर और 12 बंदीरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। सीओ करछना आशुतोष तिवारी ने बताया कि एक दारोगा, आठ सिपाही, तीन होमगार्ड और तीन से चार जेल के बंदीरक्षक एवं अधिकारियों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई गई है।
जेल प्रशासन में छाया डर छटा, अधिकारियों संग बंदियों ने भी ली राहत की सांस
नैनी सेंट्रल जेल से तब्लीगी जमात के लोगों को अस्थाई जेल में शिफ्ट किए जाने से जेल प्रशासन एवं बंदियों ने राहत की सांस ली है। प्रत्यक्ष तौर पर भले ही कोई कुछ न कह रहा हो लेकिन जब से तब्लीगी जमात के लोग नैनी सेंट्रल जेल में लाए गए थे, जेल प्रशासन से लेकर बंदियों तक में खलबली मची हुईथी। खासतौर से उनके लिए खाना लेकर जाने वालों में तो इस बात को लेकर ज्यादा खौफ था कि कहीं वह कोरोना से संक्रमित न हो जाएं। गुरूवार शाम को जब सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्रा, सीओ करछना आशुतोष तिवारी, इंस्पेक्टर नैनी, औद्योगिक क्षेत्र मय फोर्स पहुंचे तो जेल प्रशासन में खुशी छा गई। आनन फानन में सभी को वहां से गौहनिया के लिए रवाना कर दिया गया।
अंदर ही अंदर गौहनिया के लोगों में भी नाराजगी
गौहनिया बाजार शुरू होने से पहले कस्बे के बाहर स्थित ग्रीन फील्ड एकेडमी को तब्लीगी जमातियो के लिए बनाए गए अस्थाई जेल को लेकर स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी उभरने लगी है। बुधवार शाम को स्थानीय लोग गौहनिया चौराहे पर एकत्रित होकर इसका विरोध करने के लिए जुटे लेकिन पुलिस के खौफ से मौके पर जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया।भीड़ में शामिल लोगों में इस बात को लेकर खासा गुस्सा है कि सारा शहर एवं यमुनापार छोडक़र तब्लीगी जमात के लोगों को यहां शिफ्ट करना गलत है। लोगों में अंदर ही अंदर इस बात को लेकर खासी नाराजगी है। एडीजी व आईजी जब अस्थाई जेल का निरीक्षण कर रहे थे, उसी दौरान विद्यालय की बिल्डिंग में एक जगह मधुमक्खी का छत्ता लगा मिला, जिसे अधिकारियों ने वहां से हटवाया।