सावन के प्रथम सोमवार पर इस बार दुर्लभ योग बन रहा है। पहला सोमवार धनिष्ठा नक्षत्र और सौभाग्य योग में लग रहा है। यह नक्षत्र रोजगार और व्यापार के लिए शुभ है। सौभाग्य योग भक्तों के भाग्य को चमकाने के साथ ही यश, कीर्ति प्रदान करेगा। ज्योतिषियों के अनुसार धनिष्ठा नक्षत्र और सौभाग्य योग में शिव पूजा से धन और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। साथ ही इस योग में किए गए हर कार्य सहजता से सफल होंगे।
sawan 2021 : सौभाग्य योग में सावन का पहला सोमवार आज, शिवमय हुई संगमनगरी
- रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से सजे शिवालय, सावन लगने के साथ ही शिव मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़
दिन के 11:45 बजे भोग आरती होगी। इस दौरान सिर्फ 15 मिनट के लिए गर्भगृह में दर्शन रोका जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 से रात 12 बजे तक श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे। रात 10 बजे आरती होगी। महंत श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि प्रथम सोमवार को मनकामेश्वर महादेव का रजत शृंगार होगा। इसमें चांदी के मुखौटे, नाग के अलावा मोगरा, गुलाब, रजनीगंधा, बेला के फूलों से बाबा की झांकी सजाई जाएगी। इससे पहले मंदिर को भव्य सजा दिया गया है। उधर, अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग कराई गई।
पुजारी सोनू पुरी ने बताया कि मंदिर परिसर को फूलों और लताओं से सजा दिया गया है। सोमवार की रात 10 बजे सोमेश्वर महादेव की शृंगार झांकी सजाई जाएगी। श्रद्धालुओं से सामाजिक दूरी के पालन के लिए आग्रह किया जाता रहेगा। यह भोर में पांच बजे से ही दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा। बालसन चौराहा स्थित भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के जलाभिषेक की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहां भी सुबह छह बजे से जलाभिषेक आरंभ होगा। सावन सोमवार के मद्देनदर तक्षक तीर्थ और दारागंज स्थित नागवासुकि में भी जलाभिषेक और दर्शन-पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गईं। इन मंदिरों में भी भोर से ही भक्तों की भीड़ लग जाएगी।
अफसरों ने मनकामेश्वर मंदिर का लिया जायजा
एडीएम सिटी अशोक कुमार कन्नौजिया और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने रविवार को शिव मंदिरों में सावन सोमवार की तैयारियों का जायजा लिया। अफसरों ने मनकामेश्वर मंदिर में तैयारियां परखीं। इस दौरान श्रद्धालुओं को सहज दर्शन में किसी तरह की असुविधा न होने देने के लिए सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए।
सावन लगते ही दशाश्वमेध घाट स्थित दशाश्वमेध मंदिर में रुद्राभिषेक, पूजन आरंभ हो गया। इस दिन मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। 10 से अधिक भक्तों ने रुद्राभिषेक कराया। भी सावन में मास पर्यंत झांकियां सजाई जाएंगी और भक्त अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए जलाभिषेक करेंगे। मंदिर को फूलों और झालरों से सजा दिया गया है। मंदिर के पुजारी सोम दत्त शास्त्री ने बताया कि दशाश्वमेध ब्रह्मेश्वर मंदिर में मास पर्यंत जलाभिषेक और कामनाओं की पूर्ति के लिए अनुष्ठान होंगे।
घाट पर सावन की तैयारी नदारद
दशाश्वमेध घाट पर इस बार सावन की तैयारियों के नाम पर अभी तक कुछ भी नहीं किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान जहां सावन भर यहां जल भरने के लिए शिवभक्तों का रेला मचा रहता था, वहीं इस बार यात्राओं पर रोक की वजह से सावन के पहले दिन वहां गिनती के ही लोग नजर आए। घाट पर जाने वाले रास्ते भी ठीक से समतल नहीं कराए जा सके हैं। तीर्थ पुरोहित अरुण शुक्ला ने बताया कि घाट के एक हिस्से में गंदगी ढंकने के लिए टीन का घेरा तो लगा दिया गया है, लेकिन सावन शुरू होने के बावजूद अभी तक तैयारियों के नाम पर बालू की बोरियां तक नहीं बिछाई गई हैं। कच्चा घाट होने की वजह से बारिश होने पर फिसलन से श्रद्धालुओं की दिक्कतों में इजाफा तय माना जा रहा है।